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ED के दरवाजे पहुंचे पूर्व CM हरीश रावत,

ED के दरवाजे पहुंचे पूर्व CM हरीश रावत, बोले- परिवार की संपत्ति का ब्योरा मांग लिया, आखिर फैमिली में कौन-कौन?

2016 के VPDO भर्ती प्रकरण में ईडी का नोटिस मिलने के बाद रावत की पेशी, पुराने ITR और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज लाने को कहा गया; बोले- सिर्फ 36 घंटे पहले मिली जानकारी, मां को साथ लेकर पहुंचे,

देहरादून। उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के देहरादून कार्यालय पहुंचकर जांच एजेंसी के सामने पेश हुए। रावत को वर्ष 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने नोटिस जारी कर पूछताछ और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए बुलाया है।

ईडी की यह कार्रवाई उस जांच से जुड़ी है, जिसमें हाल ही में हरीश रावत के पूर्व ओएसडी एवं वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना के देहरादून स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। ईडी के अनुसार, जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोने के सिक्के-चेन और 12 महंगी घड़ियां बरामद की गई थीं। एजेंसी ने यह कार्रवाई 2016 की UKSSSC VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की थी।

‘दो दिन पहले मिला नोटिस, आज ईडी दफ्तर आ गया’

उन्हें दो दिन पहले नोटिस मिला था और आज वह जांच एजेंसी के सामने उपस्थित होने आए हैं। उनके मुताबिक, नोटिस में उनसे विभिन्न दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।

रावत ने कहा कि उनसे अपने और अपने परिवार की संपत्ति का विवरण, पुराने आयकर रिटर्न (ITR) तथा संबंधित दस्तावेज साथ लाने को कहा गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नोटिस में ‘फैमिली’ से आखिर किन-किन लोगों को शामिल किया गया है, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं दी गई है।

‘मेरी बहुत बड़ी फैमिली है, शादीशुदा बेटियां भी हैं…

हरीश रावत ने कहा कि उनका परिवार बड़ा है और परिवार के कई सदस्य अलग-अलग स्थानों पर हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटियों की शादी हो चुकी है और ऐसे में यदि परिवार के व्यापक दायरे की संपत्ति का विवरण मांगा गया है क्या ?

रावत के मुताबिक, उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि ईडी के नोटिस में परिवार की परिभाषा किस दायरे तक है और किन-किन सदस्यों की संपत्ति व दस्तावेज उपलब्ध कराने हैं।

इसी को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब नोटिस में परिवार की संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है तो यह भी बताया जाना चाहिए कि परिवार में कौन-कौन शामिल माना जा रहा है।

‘किसी को नहीं बताया, सिर्फ मां को साथ लेकर आया हूं’

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी ईडी पेशी के बारे में किसी को जानकारी नहीं दी। उनके अनुसार, उन्हें करीब 36 घंटे पहले इस संबंध में जानकारी मिली थी और इसके बाद वह आज स्वयं ईडी कार्यालय पहुंचे।

रावत ने बताया कि वह अपने साथ केवल अपनी मां को लेकर आए हैं। इसके बाद वह ईडी कार्यालय के भीतर प्रवेश करते दिखाई दिए।

“चंदन सिंह जीना के घर ईडी की छापेमारी से जुड़ा है मामला”

दरअसल, ईडी ने 10 सितंबर को देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। जांच एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई UKSSSC की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई। तलाशी के दायरे में उस समय के आयोग के पदाधिकारियों और परीक्षा से जुड़े लोगों के साथ चंदन सिंह जीना का आवास भी शामिल था।

ईडी ने कहा था कि जांच में ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं से कथित छेड़छाड़ और निजी कंप्यूटर एजेंसी के माध्यम से उनमें बदलाव किए जाने से संबंधित आरोपों की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, कथित अवैध रकम के लेन-देन की कड़ियों को भी जांचा जा रहा है।

चंदन सिंह जीना पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में 2014 से 2017 के बीच उनके ओएसडी रहे थे और बाद में उनके निजी सहायक के रूप में भी जुड़े रहे। इसी वजह से ईडी की कार्रवाई के बाद हरीश रावत का नाम भी इस पूरे घटनाक्रम के राजनीतिक केंद्र में आया है।

“अब ईडी की पूछताछ में क्या होगा, निगाहें टिकीं”

हरीश रावत के ईडी कार्यालय पहुंचने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच एजेंसी उनसे किन बिंदुओं पर पूछताछ करती है और उनके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों में क्या जानकारी सामने आती है।

फिलहाल रावत ने स्पष्ट किया है कि वह जांच एजेंसी के सामने उपस्थित होने के लिए आए हैं और नोटिस में मांगे गए दस्तावेजों को लेकर उनके सामने परिवार की परिभाषा और दायरे को लेकर सवाल हैं।

ईडी की जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी को अंतिम रूप से तय करने का अधिकार संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

रिपोर्टिंग: महिपाल सिंह नेगी, देहरादून

नंदा न्यूज

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