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धामी कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, भूमि के पट्टेदारों को भी राहत

पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़ मंजूर, राजकोषीय घाटे की सीमा 3% तय, स्थानीय निकायों और कर्मचारियों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर

चम्पावत/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को चम्पावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, रोजगार, भूमि सुधार, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को स्वीकृति प्रदान की। इस योजना से लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और पांच वर्षों में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने, भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार देने और सरकारी कर्मचारियों के आचरण नियमों में संशोधन जैसे फैसले भी लिए गए।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

1. वन भूमि हस्तांतरण के लिए छह पदों वाली परियोजना प्रबंधन इकाई

वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामलों के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन संरेखण की जांच और नोडल कार्यालय को मजबूत बनाने के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण, उत्तराखंड के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) गठित की जाएगी। इसके लिए छह पदों को मंजूरी दी गई है। इससे वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

2. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार

कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही नैनीताल जिले के नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित लोगों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार प्रदान करने और देहरादून जिले के जौनसार-बावर परगना में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण का निर्णय लिया गया।

भूमि विनियमितीकरण की व्यवस्था को एक वर्ष के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर विस्तारित किया जाएगा। इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार विनियमितीकरण किया जाएगा।

3. पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने की मंजूरी दी गई। यह राशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों पर खर्च की जाएगी।

4. संपत्ति की खरीद-बिक्री में PAN सत्यापन अनिवार्य व्यवस्था

स्टाम्प एवं निबंधन विभाग में संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन के दौरान क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा दिए गए पैन कार्ड नंबर के सत्यापन की व्यवस्था लागू की जाएगी।

इस फैसले का उद्देश्य गलत या फर्जी पैन के इस्तेमाल को रोकना तथा आयकर विभाग को की जाने वाली रिपोर्टिंग में आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

5. अगले पांच वर्षों के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत

कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा जीएसडीपी के 30 प्रतिशत तय की गई है। आपदा और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान भी रहेगा।

6. वन विभाग में विभागाध्यक्षों की व्यवस्था में बदलाव

वन विभाग में विभागाध्यक्षों की सूची में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाया जाएगा। इसके स्थान पर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा।

इस बदलाव से वनाग्नि, दैवीय आपदा, बाढ़ नियंत्रण और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

7. छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी

मंत्रिमंडल ने छठवें राज्य वित्त आयोग की ओर से पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की मंजूरी दी।

आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को धनराशि हस्तांतरित करने और वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी सिफारिशें प्रस्तुत की हैं।

8. सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति संबंधी व्यवस्था

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 19 की उपधारा (3) के प्रावधानों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने को मंजूरी दी गई।

इसके तहत निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना देने के बाद संबंधित मामले के लिए किसी अन्य व्यक्ति को सहायक लोक अभियोजक नियुक्त कर सकेंगे।

9. राज्य कर्मचारियों के आचरण नियमों में संशोधन

कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसमें सरकारी कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्तियों से जुड़े प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों और अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट एवं अद्यतन किया जाएगा।

इसके अलावा नियम 15 में मौजूद हिंदी अनुवाद संबंधी त्रुटि को भी दूर किया जाएगा।

10. सतर्कता अधिष्ठान की अधिसूचना में संशोधन

भारतीय न्याय संहिता, 2023 लागू होने के बाद सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। कैबिनेट ने भारतीय न्याय संहिता की नई धाराओं के अनुरूप संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

11. समूह ‘ग’ की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव

राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया से संबंधित संशोधन नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।

इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा। वहीं, उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा की व्यवस्था होने के कारण साक्षात्कार की प्रक्रिया समाप्त की जाएगी।

12. लोक सेवा आयोग के कार्यक्षेत्र में संशोधन

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (कृत्यों का परिसीमन) (संशोधन) विनियम, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को लोक सेवा आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया जाएगा। सेवा नियमावली के अनुसार यह राजपत्रित समूह ‘ख’ का पद है।

13. सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे का पुनर्गठन

कैबिनेट ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी। इसके तहत 8 आरक्षी नागरिक पुलिस, एक आरक्षी डाक रनर और दो आरक्षी चालक सहित कुल 11 पद समर्पित किए जाएंगे।

इसके साथ ही मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस के पांच पद बढ़ाए जाएंगे। अपर उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के तीन, मुख्य आरक्षी डाक रनर का एक, मुख्य आरक्षी चालक का एक और अपर उपनिरीक्षक चालक का एक नया पद सृजित किया जाएगा। इस प्रकार कुल छह नए पद सृजित होंगे।

14. परिसंपत्तियों के विनिवेश से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित एजेंसियों को

नियोजन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम की धारा 49 के तहत अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई।

संशोधन के अनुसार सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिया जाएगा।

15. सिंचाई एवं जल निकासी के लिए नया विधेयक

कैबिनेट ने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करने और राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी।

सरकार का उद्देश्य पुराने कानून को बदलकर राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सिंचाई और जल निकासी की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

16. कुक्कुट आहार सब्सिडी अब सीधे बैंक खाते में

कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान करने की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। अब सीबीडीसी/ई-रूपी आधारित व्यवस्था के स्थान पर आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) किया जाएगा।

इससे लाभार्थियों को सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू होगी।

17. पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन के लिए महानिदेशक का नया पद

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों में बेहतर समन्वय, पर्यवेक्षण और प्रशासनिक एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक का एक नया पद सृजित करने की मंजूरी दी गई।

इससे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर समन्वय, प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी में सहायता मिलेगी।

18. 1.19 लाख विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना

उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं की रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को मंजूरी दी गई।

इस योजना का लाभ राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा। योजना पर पांच वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

19. निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन

राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए निर्धारित नीति और मानकों में बदलाव को मंजूरी दी गई।

संशोधित व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक निर्धारित किए जाएंगे।

20. नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय

मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में टिहरी जिले की नरेंद्रनगर तहसील में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई।

इस कार्यालय के क्षेत्राधिकार में नरेंद्रनगर तहसील के 98 और पावकी देवी उप तहसील के 35, कुल 133 राजस्व गांव शामिल होंगे। इससे स्थानीय नागरिकों को संपत्ति पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी।

21. उद्यान विभाग की सौंदर्याकरण उपशाखा निक्षेपित होगी

न्यायाधिकरण, देहरादून के आदेश और निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की संस्तुति के आधार पर शासनादेश 7 जनवरी 2022 के तहत गठित सौंदर्याकरण उपशाखा को निक्षेपित करने की मंजूरी दी गई।

22. जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली में संशोधन

कैबिनेट ने उत्तराखंड में लागू उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952 में संशोधन को मंजूरी दी।

इसका उद्देश्य समय-समय पर संशोधित अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी, सुचारू और पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए प्रक्रिया एवं प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करना है।

23. वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा के लिए नई नियमावली

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में नियुक्त कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए उत्तराखंड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।

इससे संबंधित सेवा में भर्ती और कर्मचारियों की सेवा शर्तों के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित किए जाएंगे।

24. मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन-मानदेय का पुनर्निर्धारण

राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए कैबिनेट ने इन पदों पर तैनात कार्मिकों के वेतन एवं मानदेय का पुनर्निर्धारण करने की मंजूरी दी।

सरकार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में रिक्तियों और कर्मचारियों की कमी से जुड़ी चुनौतियों को कम करना तथा चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।

विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधार पर सरकार का जोर

बनबसा में आयोजित इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने शिक्षा, रोजगार, भूमि सुधार, वित्तीय अनुशासन, प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है। जहां एक ओर उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास योजना और पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार जैसे फैसले विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं, वहीं भूमि के विनियमितीकरण, स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों और सरकारी कर्मचारियों के सेवा नियमों से जुड़े निर्णयों का भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

इन प्रस्तावों के लागू होने के बाद राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने, निवेश एवं आधारिक संरचना को प्रोत्साहित करने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

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