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112 से लेकर साइबर ठगी तक—रुद्रप्रयाग पुलिस ने छात्रों को बताए सुरक्षा के जरूरी मंत्र,

बेलनी के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए,

रुद्रप्रयाग। आमजन को आपातकालीन सेवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ बढ़ते साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग पुलिस का जागरूकता अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पुलिस टीम ने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बेलनी, रुद्रप्रयाग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आपातकालीन नंबर 112, 112 India App, साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और नशे के दुष्प्रभावों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

🚨 मुसीबत में तुरंत डायल करें 112

पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को बताया कि सड़क दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी, मारपीट, विवाद, असुरक्षा या किसी अन्य आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।

इसके साथ ही 112 India App और उसमें उपलब्ध Panic/SOS फीचर के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि 112 पर सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्र की पुलिस टीम को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया जाता है।

⚠️ साइबर ठगी के नए तरीकों से रहें सावधान

जागरूकता कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र साइबर सुरक्षा रहा। पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों के बारे में जानकारी देते हुए सावधानी बरतने की अपील की।

छात्रों को बताया गया कि ऑनलाइन गेमिंग के दौरान फ्री डायमंड्स, स्किन्स या अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर भेजे गए फर्जी लिंक साइबर ठगी का माध्यम हो सकते हैं। इसके अलावा अनजान गेमर्स या सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा फोटो, निजी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण हासिल करने के प्रयासों से भी सावधान रहने को कहा गया।

पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को लेकर भी छात्रों को जागरूक किया और स्पष्ट किया कि किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर निजी जानकारी, ओटीपी, बैंकिंग डिटेल या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

🔐 एक छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी

पुलिस टीम ने ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने और संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में नहीं आने की अपील की। साथ ही GRM/MRM पोर्टल आदि के संबंध में भी जानकारी दी गई।

पुलिस ने छात्रों को समझाया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल सतर्क होना जरूरी है।

💻 ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें शिकायत

पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोगों से बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। इसके साथ ही cybercrime.gov.in के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, ठगी गई रकम को होल्ड कराने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।

जागरूकता कार्यक्रम में उपनिरीक्षक पुलिस दूरसंचार कपिल नैथानी, अपर उपनिरीक्षक पुलिस दूरसंचार हेमन्त, मुख्य आरक्षी रमेश कोहली, मुख्य आरक्षी पुलिस दूरसंचार पंकज सिंह, पीआरडी जवान सुमित कुमार एवं पीआरडी जवान हेमराज सहित विद्यालय के शिक्षकगण और सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

रुद्रप्रयाग पुलिस का यह अभियान युवाओं को साइबर अपराधों से बचाने, आपातकालीन सेवाओं के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नन्दा न्यूज: रुद्रप्रयाग

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