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2027 परिवर्तन का वर्ष होगा, बूथ की ताकत से भाजपा को चुनौती देगी कांग्रेस: डी.के. पाल,

नंदा न्यूज़ :देहरादून

2027 परिवर्तन का वर्ष होगा, बूथ की ताकत से भाजपा को चुनौती देगी कांग्रेस: डी.के. पाल,

बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, शिक्षा और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी,

देहरादून, 28 अक्टूबर। भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस महासंघ (इंटक), उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव (संगठन) डी.के. पाल ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मजबूत संगठन, जनहित के मुद्दों और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता के दम पर भाजपा को चुनौती देगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और मजदूरों-किसानों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण सवालों पर जनता के फैसले का चुनाव होगा।

डी.के. पाल ने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड सहित चुनावी राज्यों में अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के बीच जाकर सरकार से उसके वादों का हिसाब मांगने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना विपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

बेरोजगारी और पेपर लीक पर सरकार को घेरा:

डी.के. पाल ने कहा कि आज देश का नौजवान रोजगार और भविष्य को लेकर चिंतित है। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने जैसे बड़े वादे किए थे, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पाया है। भर्ती परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक के मामलों ने भी युवाओं के भरोसे को प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा कि जब कोई युवा वर्षों तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करता है और उसका परिवार अपनी जमा-पूंजी उसकी पढ़ाई पर खर्च करता है, तब पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदों और युवा के भविष्य पर चोट करती हैं। उन्होंने सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

महंगाई से आम परिवार परेशान,

महंगाई के मुद्दे पर पाल ने कहा कि भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य जरूरी खर्चों के बढ़ते दबाव से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। इसका सबसे अधिक असर उन महिलाओं पर पड़ता है, जो सीमित संसाधनों में घर का बजट संभालती हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि उनसे आम नागरिकों के जीवन में कितनी राहत मिली है। कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच उठाकर जवाबदेही की मांग करेगी।

शिक्षा व्यापार नहीं, बच्चों का अधिकार बने,

डी.के. पाल ने कहा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। सरकारी स्कूलों के बंद होने या विलय की स्थितियां और निजी स्कूलों की बढ़ती फीस अभिभावकों के लिए चिंता का विषय हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी और सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार सम्मानजनक रोजगार और उचित वेतन मिलना चाहिए। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और पेपर लीक पर प्रभावी कार्रवाई के बिना युवाओं का विश्वास जीतना मुश्किल है।

युवाओं की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी,

पाल ने कहा कि रोजगार और भविष्य को लेकर सवाल उठाना युवाओं का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार को उनकी आवाज दबाने के बजाय समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित पार्टी के नेता इन मुद्दों को उठा रहे हैं। उत्तराखंड में भी डॉ. हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, हरीश रावत, यशपाल आर्य और करण माहरा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनता से जुड़े सवालों को सामने रख रहे हैं।

365 दिन जनता के बीच रहने का दावा,

डी.के. पाल ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल चुनाव के समय सक्रिय होना नहीं, बल्कि साल के 365 दिन जनता के बीच रहना है। पार्टी कार्यकर्ताओं को गांव, वार्ड और बूथ स्तर पर जनसमस्याओं की जानकारी लेकर लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत और प्रशिक्षित करना समय की जरूरत है। प्रत्येक कार्यकर्ता को स्थानीय समस्याओं, रोजगार, शिक्षा, महंगाई, महिला सुरक्षा, किसान-मजदूर हितों और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर जनता के साथ खड़ा होना चाहिए।

अंकिता भंडारी को न्याय और जनहित के मुद्दे होंगे प्रमुख:

पाल ने कहा कि कांग्रेस रोजगार, शिक्षा, महंगाई और महिला सुरक्षा के साथ बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों, किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करें और सरकार से जवाब मांगें।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल सरकार बदलना नहीं, बल्कि व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करना है। जनता भाजपा और कांग्रेस, दोनों के काम, नीतियों और भविष्य के कार्यक्रमों का आकलन करे और उसके बाद अपना निर्णय ले।”

2027 में बंपर बहुमत से सरकार बनाने का दावा,

डी.के. पाल ने विश्वास जताया कि मजबूत संगठन, जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष और जनता के बीच निरंतर संवाद के माध्यम से कांग्रेस वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर पहुंचकर जनता के सवाल उठाने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस रोजगार, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महंगाई पर नियंत्रण, महिला सुरक्षा, किसान-मजदूरों के सम्मान और जवाबदेह सरकार के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

डी.के. पाल ने कहा, “जन-जन तक जाएंगे, जनमुद्दे उठाएंगे और कांग्रेस को मजबूत बनाएंगे। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बंपर बहुमत से सत्ता में लाने के लिए कार्यकर्ता पूरी ताकत से जुटेंगे।”

— डी.के. पाल

प्रदेश महासचिव (संगठन)

भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस महासंघ (INTUC), उत्तराखंड

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