मैं अपने शरीर के कण-कण को नष्ट हो जाने दूंगा लेकिन टिहरी रियासत के नागरिक अधिकारों को कुचलने नहीं दूंगा..
देहरादून, गढ़ संवेदना न्यूज। टिहरी जनक्रांति के महानायक श्रीदेव सुमन इतिहास के शायद सबसे लम्बे 84 दिनों के आमरण अनशन के बाद राजा की नीतियों का विरोध करते हुए 25 जुलाई 1944 को शहीद हो गए थे। श्रीदेव सुमन का कहना था कि मैं अपने शरीर के कण-कण को नष्ट हो जाने दूंगा लेकिन टिहरी…

