जनपद चमोली के विकासखंड थराली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर की गई एक गर्भवती महिला की कर्णप्रयाग अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मौत हो जाने के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद थराली क्षेत्र में लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग, राज्य सरकार और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि थराली में समय पर बेहतर इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था होती तो शायद एक गर्भवती महिला की जान बचाई जा सकती थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों, विशेषज्ञों और आवश्यक सुविधाओं की कमी बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब इस घटना ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, मामले की निष्पक्ष जांच, स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और पहाड़ी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल मजबूत करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक गंभीर तस्वीर भी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

