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मिस उत्तराखंड 2026 में रचनात्मकता के साथ स्वावलंबन का संदेश, छाप टाई एंड डाई वर्कशॉप में प्रतिभागियों ने सीखी प्राकृतिक रंगों से फैब्रिक को नया रूप देने की कला

देहरादून। सिनमिट कम्युनिकेशंस की ओर से आयोजित मिस उत्तराखंड 2026 के तहत शनिवार को सेंट्रियो मॉल के स्काई लाउंज में ‘छाप टाई एंड डाई वर्कशॉप’ का आयोजन किया गया। वर्कशॉप का उद्देश्य प्रतिभागियों को प्राकृतिक रंगों, पारंपरिक तकनीकों और रचनात्मक फैब्रिक डिजाइनिंग से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें स्वावलंबन और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों के प्रति जागरूक करना रहा। वर्कशॉप में छाप ब्रांड की डायरेक्टर रिचा एहलावत ने प्रतिभागियों को टाई एंड डाई की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने अलग-अलग प्रकार के फैब्रिक पर हल्दी और चायपत्ती जैसे प्राकृतिक उत्पादों से नेचुरल डाई तैयार करने और उनका प्रयोग करने की पूरी प्रक्रिया प्रतिभागियों को प्रैक्टिकल तरीके से समझाई। प्रतिभागियों ने स्वयं कपड़ों पर प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करते हुए अलग-अलग पैटर्न और डिजाइन तैयार किए।
रिचा एहलावत ने बताया कि प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल हमारी पारंपरिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आज के दौर में जब पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल फैशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ऐसे में प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक तकनीकों को आधुनिक डिजाइनिंग के साथ जोड़ना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और आसानी से उपलब्ध प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल कर रचनात्मक उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
सिनमिट कम्युनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी एवं राजीव मित्तल ने कहा कि मिस उत्तराखंड 2026 को केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को बढ़ावा देने वाले मंच के रूप में तैयार किया गया है। इसी सोच के तहत प्रतियोगिता से जुड़ी गतिविधियों में फैशन और ग्रूमिंग के साथ-साथ कला, संस्कृति, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता से संबंधित पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि टाई एंड डाई जैसी कला प्रतिभागियों के लिए केवल एक रचनात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि भविष्य में स्वरोजगार और छोटे स्तर पर उद्यमिता का माध्यम भी बन सकती है। ऐसी कार्यशालाओं के जरिए युवतियों को अपनी रचनात्मक क्षमता पहचानने और उसे कौशल में बदलने का अवसर मिलता है। वर्कशॉप में प्रतिभागियों ने प्राकृतिक रंगों से फैब्रिक डिजाइनिंग को लेकर खासा उत्साह दिखाया और विशेषज्ञ से विभिन्न तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक रंगों के महत्व, सस्टेनेबल फैशन और स्थानीय एवं पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई। मिस उत्तराखंड 2026 के आगामी चरणों में भी प्रतिभागियों के व्यक्तित्व एवं प्रतिभा विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के सभी चरणों के उपरांत चयनित प्रतिभागी अगस्त माह के अंत में आयोजित होने वाले भव्य ग्रैंड फिनाले में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

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