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नीति घाटी में बारिश का कहर — तमक नाले में अचानक आया तेज सैलाब, पोकलैंड ऑपरेटर ने मौत को दी मात; हादसे के अगले दिन फिर सड़क खोलने में जुटा जांबाज”*

🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | नीति घाटी में फ्लैश फ्लड से मचा हड़कंप !

*तमक नाले में अचानक आया सैलाब, पोकलैंड मशीन समेत फंसे ऑपरेटर ने बचाई जान; अगले दिन फिर सड़क बहाली में जुटा*

नीति घाटी में बारिश का कहर — तमक नाले में अचानक आया तेज सैलाब, पोकलैंड ऑपरेटर ने मौत को दी मात; हादसे के अगले दिन फिर सड़क खोलने में जुटा जांबाज !

चमोली। उत्तराखंड के सीमांत चमोली जिले की नीति घाटी में भारी बारिश के बीच अचानक आए फ्लैश फ्लड ने एक बार फिर पहाड़ों में मौसम की भयावह तस्वीर सामने ला दी। 10 अगस्त 2026 की शाम तमक नाले में अचानक तेज पानी आने से मौके पर मौजूद पोकलैंड मशीन और उसके ऑपरेटर की जान पर बन आई। तेज बहाव के बीच कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि मशीन और उसमें बैठे ऑपरेटर को सैलाब अपने साथ बहा ले जाएगा, लेकिन ऑपरेटर ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए अपनी जान बचा ली।

मिली जानकारी और सामने आए वीडियो के अनुसार, तमक नाले में अचानक पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। पोकलैंड मशीन नाले के पास सड़क बहाली के काम में लगी हुई थी। इसी दौरान अचानक बढ़े पानी ने मशीन को अपनी चपेट में ले लिया। मशीन में मौजूद ऑपरेटर जोगिंदर सिंह, जो जम्मू-कश्मीर के निवासी बताए जा रहे हैं, ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में करीब एक से डेढ़ मिनट तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया।

तेज बहाव के बीच मशीन के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। हालात इतने खतरनाक थे कि मौके पर मौजूद लोगों की भी सांसें थम गईं। हालांकि ऑपरेटर ने हिम्मत नहीं छोड़ी और किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

*एक दिन पहले मौत से सामना, अगले दिन फिर संभाली पोकलैंड*

इस घटना की सबसे बड़ी और साहसिक तस्वीर मंगलवार को सामने आई। जिस पोकलैंड मशीन में बैठकर जोगिंदर सिंह ने एक दिन पहले मौत को बेहद करीब से देखा था, उसी मशीन की कमान उन्होंने अगले दिन फिर संभाल ली।

हादसे के बाद डर के आगे घुटने टेकने के बजाय जोगिंदर सिंह दोबारा सड़क बहाली के काम में जुट गए। नीति घाटी जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र में सड़क संपर्क बहाल करना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय फिर से मशीन चलाकर सड़क खोलने के काम में योगदान दिया।

यह तस्वीर उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा है जो आपदा और विपरीत परिस्थितियों के बीच सीमांत क्षेत्रों में सड़क, पुल और संपर्क मार्ग बहाल करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

*लगातार बारिश से बढ़ी चुनौती*

स्थानीय लोगों के मुताबिक नीति घाटी में लगातार बारिश के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में कई स्थानों पर मलबा नीचे की ओर आया है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण नाले और गदेरे अचानक उफान पर आने का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन की ओर से जहां तेज बारिश के दौरान संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बरतने की बात कही जा रही है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों से मलबा और पानी नीचे की ओर आने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

तमक नाले में आई बाढ़ ने भी इसी खतरे को सामने ला दिया है। अचानक बढ़े जलस्तर ने सड़क बहाली के कार्य में लगे कर्मचारियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।

*पुलिस ने ऑपरेटर का बढ़ाया हौसला*

घटना के बाद पुलिस ने पोकलैंड ऑपरेटर जोगिंदर सिंह से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। पुलिस कर्मियों ने विषम परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और अपनी जान बचाने के उनके साहस की सराहना की।

जोगिंदर सिंह का अगले ही दिन दोबारा सड़क बहाली के कार्य में जुटना यह बताता है कि सीमांत क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी किस तरह कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।

एक दिन पहले जिस स्थान पर जिंदगी बचाना सबसे बड़ी चुनौती थी, अगले दिन उसी स्थान पर सड़क खोलने का काम शुरू होना आपदा के बीच राहत और पुनर्बहाली की कोशिशों को भी दर्शाता है।

*पुल निर्माण और सड़क बहाली का काम तेज*

तमक नाले में फ्लैश फ्लड के बाद प्रभावित सड़क संपर्क को बहाल करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। मौके पर मोटे पाइप डालकर पुल निर्माण का कार्य तेजी से शुरू किया जा रहा है। मशीनों की मदद से मलबा हटाने और मार्ग को सुचारु करने का प्रयास जारी है।

नीति घाटी जैसे सामरिक और सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क का महत्व बेहद ज्यादा है। यहां सड़क मार्ग केवल स्थानीय आवाजाही का माध्यम नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों तक पहुंच और आवश्यक सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में बारिश और फ्लैश फ्लड के बाद सड़क संपर्क बहाल करना प्राथमिकता बन जाता है।

तमक नाले की इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को उजागर किया है। स्थानीय लोगों और सड़क निर्माण एवं बहाली कार्य में लगे कर्मचारियों को ऐसे मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

एक तरफ प्रकृति का रौद्र रूप और दूसरी तरफ उससे मुकाबला करते जांबाज कर्मचारी—नीति घाटी से सामने आई यह तस्वीर उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के हौसले की कहानी बयां करती है।

नीति घाटी, चमोली से नंदा न्यूज के लिए रिपोर्ट — महिपाल सिंह नेगी।

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