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*नारायणबगड़ में ‘हंस फाउंडेशन सतपुली’ का निःशुल्क नेत्र शिविर, दूरदराज के ग्रामीणों को मिली इलाज की सुविधा*

*नारायणबगड़ में हंस फाउंडेशन सतपुली का निःशुल्क नेत्र शिविर, दूरदराज के ग्रामीणों को मिली इलाज की सुविधा*

नारायणबगड़। विकासखंड नारायणबगड़ के परखाल तिराहे स्थित कस्तुरा आई केयर सेंटर में हंस फाउंडेशन सतपुली हॉस्पिटल की ओर से निःशुल्क नेत्र जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। हर महीने आयोजित होने वाला यह शिविर पहाड़ के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सेवा की एक महत्वपूर्ण पहल बन चुका है। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे, जहां चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की आंखों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श और उपचार की जानकारी दी।

हंस फाउंडेशन सतपुली की चिकित्सकीय टीम द्वारा आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ऐसे ग्रामीणों तक नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जो आर्थिक स्थिति, दूरी अथवा अन्य कारणों से बड़े अस्पतालों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते। खासकर बुजुर्गों और मोतियाबिंद से परेशान मरीजों के लिए यह पहल काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

शिविर के दौरान चिकित्सकों ने ग्रामीणों की आंखों की जांच की। जांच में जिन मरीजों में मोतियाबिंद अथवा आंखों से संबंधित ऐसी समस्या पाई जाती है, जिसके लिए आगे उपचार या ऑपरेशन की आवश्यकता होती है, उन्हें हंस फाउंडेशन सतपुली हॉस्पिटल में उपचार के लिए ले जाने की व्यवस्था की जाती है।

इस पूरी प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि जरूरतमंद मरीजों को ऑपरेशन के लिए अपने स्तर से आर्थिक बोझ उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। हंस फाउंडेशन की ओर से मरीजों को लाने-ले जाने के लिए वाहन अथवा एंबुलेंस की व्यवस्था की जाती है। ऑपरेशन के दौरान मरीजों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी संस्था की ओर से किए जाने की बात बताई गई है। उपचार और ऑपरेशन पूरा होने के बाद मरीजों को वापस उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाती है।

पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आज भी एक बड़ी चुनौती है। कई ग्रामीण आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं होते। वहीं, दुर्गम गांवों से बड़े शहरों और अस्पतालों तक पहुंचना भी बुजुर्ग मरीजों के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में नियमित रूप से आयोजित होने वाला यह निःशुल्क नेत्र शिविर ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हंस फाउंडेशन सतपुली की ओर से लगातार किए जा रहे स्वास्थ्य सेवा के कार्यों के कारण ग्रामीणों का संस्था के प्रति विश्वास काफी मजबूत हुआ है। क्षेत्र के कई गांवों से लोग इस शिविर में अपनी आंखों की जांच कराने पहुंचते हैं। बताया गया कि अब तक नारायणबगड़ और आसपास के क्षेत्रों के कई सैकड़ों ग्रामीणों को नेत्र जांच और मोतियाबिंद के निःशुल्क ऑपरेशन की सुविधा मिल चुकी है।

इस सेवा अभियान में कस्तुरा आई केयर सेंटर, नारायणबगड़ की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। सेंटर की ओर से शिविर के आयोजन में आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने से ग्रामीणों को दूर शहरों की यात्रा करने से भी राहत मिलती है।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने हंस फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य शिविर पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बेहद जरूरी हैं। खासकर ऐसे परिवार, जिनके पास इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं हैं, उनके लिए निःशुल्क जांच और ऑपरेशन की सुविधा किसी बड़ी मदद से कम नहीं है।

नंदा न्यूज के रिपोर्टर सुमित सती ने हंस फाउंडेशन सतपुली की चिकित्सकीय टीम से बातचीत भी की। इस दौरान हंस फाउंडेशन सतपुली के डॉक्टर राजीव नेगी ने शिविर के उद्देश्य, ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं और मोतियाबिंद के मरीजों के उपचार की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

हंस फाउंडेशन की यह पहल केवल आंखों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को जांच से लेकर ऑपरेशन और उसके बाद घर वापसी तक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करती है। नियमित रूप से लगने वाले इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को समय पर अपनी आंखों की जांच कराने और बीमारी की पहचान करने का अवसर मिलता है।

नारायणबगड़ जैसे पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्र में हर महीने इस तरह का निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित होना स्थानीय ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुविधा है। जरूरतमंद मरीजों तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने की दिशा में हंस फाउंडेशन सतपुली का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है।

नंदा न्यूज के लिए रिपोर्ट — सुमित सती, नारायणबगड़ चमोली।

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