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“नारायणबगड़ में एक हफ्ते से पेयजल संकट, 24 घंटे से बिजली गुल; मोबाइल नेटवर्क ठप होने से संपर्क व्यवस्था चरमराई”

‘नारायणबगड़ में एक हफ्ते से पेयजल संकट, 24 घंटे से बिजली गुल; मोबाइल नेटवर्क ठप होने से संपर्क व्यवस्था चरमराई,

 

*पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों के बीच जान जोखिम में डालकर विद्युत कर्मचारी जुटे बहाली में, पिंडर घाटी के नारायणबगड़, थराली और देवाल क्षेत्र प्रभावित*

 

चमोली/नारायणबगड़। जनपद चमोली के विकासखंड नारायणबगड़ और आसपास की पिंडर घाटी में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नारायणबगड़ बाजार में जहां पिछले करीब एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है, वहीं पिछले 24 घंटे से बिजली व्यवस्था बाधित होने के कारण क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

 

नलगांव-आमसौड़ के सामने पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण विद्युत लाइन को दुरुस्त करने में विभागीय कर्मचारियों को भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है। पहाड़ी के बार-बार टूटने और मलबा व पत्थर गिरने से बिजली बहाली का काम प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद विद्युत विभाग के कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर लाइन को ठीक करने में जुटे हुए हैं।

 

बिजली आपूर्ति ठप होने का सीधा असर मोबाइल संचार पर भी पड़ रहा है। बिजली नहीं होने के कारण लोग अपने मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में पिंडर घाटी के कई इलाकों में आपसी संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। नारायणबगड़ के साथ-साथ थराली और देवाल क्षेत्र के लोगों को भी बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।

 

“एक सप्ताह से पानी को तरसे नारायणबगड़ के लोग”

 

वहीं, नारायणबगड़ बाजार में पेयजल संकट भी गंभीर रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब एक सप्ताह से बाजार की पेयजल आपूर्ति बाधित है। बताया जा रहा है कि केवर के नीचे पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के साथ पाइप चोरी होने की वजह से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

 

लंबे समय से पानी की समस्या दूर नहीं होने पर स्थानीय लोगों में जल संस्थान की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बारिश और आपदा के इस दौर में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा जल्द बहाल किया जाना बेहद जरूरी है।

 

राहत की खबर—कर्णप्रयाग-नारायणबगड़-थराली मार्ग सुचारू

 

इन तमाम परेशानियों के बीच राहत की बात यह है कि पिंडर घाटी को जोड़ने वाला कर्णप्रयाग- ग्वालदम मोटर मार्ग फिलहाल यातायात के लिए सुचारू रूप से खुला हुआ है। हालांकि लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।

 

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से बिजली तथा पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने की मांग की है, ताकि लगातार बारिश के बीच लोगों की परेशानियां और न बढ़ें।

 

रिपोर्टिंग: महिपाल सिंह नेगी

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नंदा न्यूज | देवभूमि उत्तराखंड देहरादून

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