
देहरादून। डिजिटल डिवाइड डेटा (DDD), एक ग्लोबल सोशल एंटरप्राइज और AI व डेटा सर्विसेज कंपनी ने आज देहरादून में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की शुरुआत की। पूरी तरह DDD के स्वामित्व वाला यह सेंटर रोबोटिक्स, फिजिकल AI और जेनरेटिव AI डेटा सर्विसेज पर फोकस करेगा। कंपनी की योजना अगले कुछ महीनों में यहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 800 से 1,000 करने की है। इसके साथ यह उत्तराखंड में AI से जुड़े विशेषज्ञ पदों के सबसे बड़े केंद्रों में से एक बन सकता है। इस सेंटर ने 1 अगस्त 2026 से काम शुरू किया था और अब तक तीन बैचों में 150 लोगों की भर्ती की जा चुकी है। सिर्फ छह सप्ताह में इतनी बड़ी टीम तैयार होने से क्षेत्र में मौजूद मजबूत ग्रेजुएट और टेक्निकल टैलेंट पूल का पता चलता है। साथ ही, यह जटिल AI और डेटा सर्विसेज के लिए लोगों को तेजी से भर्ती और ट्रेन करने की DDD की क्षमता भी बताता है।
यह भारत में DDD का पहला GCC है और कंपनी के ग्लोबल AI डिलीवरी नेटवर्क के विस्तार की दिशा में अहम कदम है। देहरादून सेंटर फिजिकल AI और रोबोटिक्स से जुड़े खास प्रोजेक्ट्स पर काम करेगा। इनमें एगोसेंट्रिक वीडियो, सेंसर और मल्टीमॉडल डेटासेट का कलेक्शन व एनोटेशन शामिल है। इन डेटासेट की मदद से मशीन लर्निंग सिस्टम को असल दुनिया के माहौल को समझने और उसके मुताबिक काम करने के लिए ट्रेन किया जाता है।
डिजिटल डिवाइड डेटा के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, स्टीव लार्सन ने कहा, “भारत एंटरप्राइज AI के लिए एक अहम केंद्र बन गया है। देहरादून में यह निवेश DDD के अगले चरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे फिजिकल AI और रोबोटिक्स सहित तेजी से विकसित हो रहे AI प्रोडक्ट्स पर काम करने वाले हमारे क्लाइंट्स को सपोर्ट करने की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही, हमारे ग्लोबल नेटवर्क की टेक्निकल और डिलीवरी क्षमताएं भी मजबूत होंगी।” डिजिटल डिवाइड डेटा के वाइस प्रेसिडेंट – ऑपरेशंस, बेथुएल जाबेज़ ने कहा, “हमने देहरादून को यहां उपलब्ध मजबूत टैलेंट पूल और उत्तराखंड के युवाओं के लिए बेहतर टेक्नोलॉजी करियर के अवसर पैदा करने की संभावनाओं को देखते हुए चुना है। 150 लोग पहले ही हमारी टीम से जुड़ चुके हैं। हम ऐसा सेंटर बना रहे हैं जो बेहतर ट्रेनिंग, ऊंचे क्वालिटी स्टैंडर्ड्स और करियर में आगे बढ़ने के वास्तविक अवसर देगा।”
मुख्य क्षमताएं और सर्विस पोर्टफोलियो
देहरादून सेंटर DDD के व्यापक AI और डेटा सर्विसेज पोर्टफोलियो को सपोर्ट करेगा। इसमें एगोसेंट्रिक डेटा कलेक्शन, मल्टीमॉडल डेटा एनोटेशन, डेटा क्यूरेशन, LLM फाइन-ट्यूनिंग सपोर्ट, लो-रिसोर्स लैंग्वेज सर्विसेज, AI मॉडल इवैल्यूएशन तथा डेटा प्रिपरेशन और वैलिडेशन जैसी सेवाएं शामिल हैं। ये सेवाएं टेक्स्ट, इमेज, वीडियो और दूसरे मल्टीमॉडल फॉर्मेट में AI मॉडल तैयार करने और उन्हें बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
Doon IT Park, SIIDCUL में स्थित यह केंद्र एंटरप्राइज-ग्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी और डिलीवरी एनवायरनमेंट से लैस है। यहां से ग्लोबल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी टीमों को AI मॉडल ट्रेनिंग सर्विसेज दी जाएंगी।
उत्तराखंड में टेक्नोलॉजी करियर के अवसर
यह सेंटर DDD के इम्पैक्ट सोर्सिंग मॉडल को भारत में आगे बढ़ाता है। देहरादून में भर्ती के दौरान फ्रेश ग्रेजुएट्स और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। DDD पिछले अनुभव से ज्यादा उम्मीदवारों की योग्यता और क्षमता को महत्व देता है। लाइव प्रोडक्शन पर काम शुरू करने से पहले हर नए कर्मचारी को स्ट्रक्चर्ड इंडक्शन और भूमिका के मुताबिक ट्रेनिंग दी जाती है।
2001 में स्थापित DDD ने अपने इस मॉडल के जरिए अमेरिका, कंबोडिया, केन्या और लाओस में 15,000 से अधिक लोगों को करियर बनाने में मदद की है। इनमें से 95% लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आते हैं। देहरादून के जरिए यह मॉडल ऐसे राज्य तक पहुंच रहा है, जहां हाई-एंड टेक्नोलॉजी नौकरियों के अवसर अब तक सीमित रहे हैं। इससे स्थानीय ग्रेजुएट्स को मेट्रो शहरों में गए बिना एडवांस AI प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा। सेंटर के लिए उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भर्ती जारी है।

