“केदारनाथ पैदल मार्ग पर संभावित खतरे का पहले ही समाधान… चीरवासा में पहाड़ी पर अटके पत्थरों को लोक निर्माण विभाग ने नीचे गिराया, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मार्ग सुधारीकरण और चौड़ीकरण का काम युद्धस्तर पर जारी!”
पहाड़ी पर अटके पत्थरों को पहले ही गिराया, केदारनाथ पैदल मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा के बीच चीरवासा से बड़ी खबर सामने आई है। गौरीकुंड से करीब 2.5 किलोमीटर ऊपर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में संभावित खतरे को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने प्रो-एक्टिव होकर कार्रवाई की है।

भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में ऐसे कई पत्थर अटके हुए थे, जिनके किसी भी समय नीचे गिरने की आशंका बनी हुई थी। खतरे को नजरअंदाज करने के बजाय लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों की मदद से इन पत्थरों को पहले ही नीचे गिरा दिया।
इस कार्रवाई का मकसद साफ था—मार्ग पर काम कर रहे श्रमिकों और केदारनाथ धाम की ओर आवाजाही कर रहे श्रद्धालुओं के ऊपर अचानक पत्थर या मलबा गिरने की संभावित आशंका को कम करना।
विगत दिनों भूस्खलन के कारण चीरवासा के पास पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद से लोक निर्माण विभाग की टीमें और श्रमिक लगातार मार्ग सुधारीकरण के कार्य में जुटे हैं। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही भी सुनिश्चित की जा रही है।

मौसम खुलने और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के बाद अब मार्ग के सुधारीकरण और चौड़ीकरण का काम युद्धस्तर पर जारी है। संवेदनशील हिस्से को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विभागीय टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी अपील
केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालु चीरवासा के इस संवेदनशील हिस्से को पार करते समय विशेष सावधानी बरतें। मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों और लोक निर्माण विभाग की टीम के निर्देशों का पालन करें। मार्ग पर काम चल रहा हो तो जल्दबाजी या आगे निकलने की जिद न करें।
रिपोर्टिंग — महिपाल सिंह नेगी, नंदा न्यूज़

