पैदल मार्ग पूरी तरह बंद, सोनप्रयाग-गौरीकुण्ड से आगे नहीं बढ़ेंगे यात्री; लौट रहे श्रद्धालुओं को भी पड़ावों पर रोका
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। गौरीकुण्ड से करीब 2.5 किलोमीटर ऊपर चीरवासा के पास दोबारा मलबा और पत्थर आने से केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने आज सोनप्रयाग और गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम की ओर यात्रियों को आगे भेजने पर रोक लगा दी है।
पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद चीरवासा के पास क्षतिग्रस्त हुए पैदल मार्ग को दुरुस्त करने के लिए सोमवार सुबह से ही मार्ग सुदृढ़ीकरण और मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा था। इसी दौरान केदारनाथ धाम से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को भी प्रभावित हिस्से से सुरक्षित निकालने की व्यवस्था की जा रही थी।
लेकिन बारिश ने एक बार फिर चुनौती खड़ी कर दी। मार्ग सुधरने से पहले ही चीरवासा में दोबारा मलबा और पत्थर आ गए और रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुण्ड से केदारनाथ की ओर यात्रियों की आवाजाही रोक दी।
***यात्रियों की राह थमी, सुरक्षा बनी पहली प्राथमिकता***
मार्ग अवरुद्ध होने के बाद केदारनाथ जाने वाले यात्रियों से कहा गया है कि वे सोनप्रयाग और गौरीकुण्ड में ही रुकें। मार्ग सामान्य होने तक किसी भी स्थिति में आगे बढ़ने का प्रयास न करने की अपील की गई है।

उधर, केदारनाथ धाम से नीचे लौट रहे श्रद्धालुओं को भी प्रभावित क्षेत्र की ओर सीधे आगे बढ़ने से रोकते हुए बीच के पड़ावों पर सुरक्षित स्थानों में रोका जा रहा है। प्रशासन का पूरा फोकस यात्रियों को जोखिम वाले हिस्से से दूर रखने पर है।
***चीरवासा पर पुलिस-प्रशासन का पहरा***
मार्ग बंद होने के बाद रुद्रप्रयाग पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार मौजूद हैं। अधिकारी और कर्मचारी मार्ग की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को नियंत्रित कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा को रोकना ही प्राथमिकता है।
बारिश के बीच चीरवासा में बार-बार मलबा और पत्थर आने से केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रा संचालन प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रशासन की अपील भी साफ है—सुरक्षा से समझौता न करें, निर्देशों का पालन करें और रास्ता खुलने का इंतजार करें।
नंदा न्यूज़ | रुद्रप्रयाग
28 सितंबर 2026 | 3:00 बजे

