कानून बदला तो पुलिस ने बढ़ाया जनसंवाद, परकंडी में ग्रामीणों को बताए नए आपराधिक कानूनों के अधिकार
ऊखीमठ में जागरूकता कार्यक्रम के जरिए जीरो FIR, ई-FIR और डिजिटल साक्ष्य से लेकर महिला-बाल सुरक्षा तक समझाए कानूनी प्रावधान,
रुद्रप्रयाग। नए आपराधिक कानूनों को लेकर आमजन को जागरूक करने और नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंवाद का सिलसिला तेज कर दिया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में कोतवाली ऊखीमठ पुलिस ने ग्राम सभा परकंडी में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में पुलिस ने ग्रामीणों को नए कानूनों की जानकारी देने के साथ यह भी समझाया कि किसी आपराधिक घटना की स्थिति में वे अपने अधिकारों का किस तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।

कार्यक्रम की अगुवाई प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऊखीमठ मनोज नेगी ने की। उन्होंने ग्रामीणों को देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023—के महत्वपूर्ण प्रावधानों की सरल भाषा में जानकारी दी।
थाने की सीमा से बाहर की घटना पर भी FIR का अधिकार
जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस ने जीरो FIR और ई-जीरो FIR की व्यवस्था को विशेष रूप से समझाया। ग्रामीणों को बताया गया कि आपराधिक घटना की सूचना दर्ज कराने के लिए केवल संबंधित थाना क्षेत्र की सीमा ही बाधा नहीं है। साथ ही FIR दर्ज होने के बाद उसकी प्रति प्राप्त करने के अधिकार के संबंध में भी जानकारी दी गई।
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से शिकायत अथवा सूचना दर्ज कराने की सुविधा के बारे में भी ग्रामीणों को बताया, जिससे तकनीक के माध्यम से पुलिस तक अपनी शिकायत पहुंचाने की प्रक्रिया को समझना उनके लिए आसान हो सके।
डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक तकनीक पर भी जोर
कार्यक्रम में बदलते दौर के साथ आपराधिक जांच में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि विवेचना के दौरान डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन एवं उपयोग से संबंधित प्रावधान नए कानूनों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
इसके साथ ही आपराधिक मामलों की विवेचना में समयबद्धता, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानून भी समझाए
रुद्रप्रयाग पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला। ग्रामीणों को उनके अधिकारों, उपलब्ध कानूनी प्रक्रियाओं और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लेने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।

प्रभारी निरीक्षक मनोज नेगी ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे कानून की जानकारी को अपने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें और किसी भी आपराधिक घटना या समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।
सवाल-जवाब के जरिए दूर की ग्रामीणों की जिज्ञासा
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने नए आपराधिक कानूनों से जुड़े विभिन्न सवाल और जिज्ञासाएं पुलिस अधिकारियों के सामने रखीं। पुलिस ने प्रत्येक सवाल का सरल भाषा में जवाब देते हुए कानूनी प्रक्रिया को समझाया। इससे ग्रामीणों को नए कानूनों को केवल सैद्धांतिक रूप से जानने के बजाय उनके व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्रीमती सुनीता देवी बिष्ट सहित ग्राम सभा परकंडी के अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
रुद्रप्रयाग पुलिस का यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में कानून की जानकारी को आमजन तक पहुंचाने के साथ पुलिस और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में जारी प्रयास का हिस्सा है।
नन्दा न्यूज:देहरादून

