देहरादून। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर देहरादून में स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड सरकार की ओर से आयोजित किया गया। उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ओर से राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, राजपुर रोड में आयोजित कार्यक्रम में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नियमित रक्तदान को प्रोत्साहित करने और रक्तदाताओं के योगदान को सम्मान देने पर जोर दिया गया। इस दौरान रक्तदान को मानवता की सेवा का सशक्त माध्यम बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध होना मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होता है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान निदेशक स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल डॉ. अमित शुक्ला ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान के प्रति लोगों की सकारात्मक सोच और सहभागिता से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तकोष, दून चिकित्सालय के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए लगभग 30 यूनिट रक्तदान किया। एकत्रित रक्त जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उपयोगी होगा। शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि रक्तदान के लिए किया गया छोटा-सा प्रयास किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ी उम्मीद बन सकता है। रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रक्तदान और सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताया गया।
कार्यक्रम में स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं और नियमित रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। उनके समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा गया कि ऐसे प्रयास समाज के अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं। सम्मान समारोह का उद्देश्य रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय लोगों का उत्साहवर्धन करने के साथ ही इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. अमित शुक्ला ने रक्तदाताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा रक्तकोष, दून चिकित्सालय की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सके। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से रक्तदान को जनभागीदारी का अभियान बनाने की अपील की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी को नया जीवन देने का अनमोल अवसर भी है।

