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“बेस नहीं तो वोट नहीं”सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर देहरादून पहुंची पदयात्रा, आज मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे आंदोलनकारी,

“बेस नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ शासनादेश जारी करने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर धरने और भूख हड़ताल की चेतावनी,

देहरादून/चमोली। जनपद चमोली के केंद्र बिंदु सिमली में बेस अस्पताल स्थापित करने की मांग को लेकर सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के आह्वान पर निकली पदयात्रा मंगलवार को देहरादून पहुंच गई है। मां चंडिका के पावन धाम सिमली से शुरू हुई इस पदयात्रा के देहरादून पहुंचने तक विभिन्न स्थानों पर लोगों का समर्थन मिलने का दावा संघर्ष समिति ने किया है। मंगलवार सुबह 10 बजे पदयात्री गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास के लिए कूच करेंगे। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिमली बेस अस्पताल के संबंध में शासनादेश जारी करें, ताकि क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सके।

नंदा न्यूज़ के संपादक से बातचीत में संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुन्ना सिंह नेगी ने कहा कि चमोली जनपद के केंद्र बिंदु सिमली में बेस अस्पताल की स्थापना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, इससे करीब चार से पांच लाख लोगों को लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद के अस्पतालों में बेहतर उपचार की सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को ऋषिकेश और देहरादून जैसे शहरों के लिए रेफर करना पड़ता है। सिमली में बेस अस्पताल स्थापित होने से स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है और गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को दूर ले जाने की मजबूरी कम हो सकती है।

मातृशक्ति ने दिया पदयात्रा को समर्थन,

पदयात्रा को महिलाओं का भी समर्थन मिल रहा है। मातृशक्ति की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए बुंगा की पूर्व प्रधान उषा कनवासी ने कहा कि सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर पदयात्रा पर निकले लोगों को महिलाओं का पूरा समर्थन है। उन्होंने कहा कि यदि 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री की ओर से अस्पताल के संबंध में शासनादेश जारी नहीं किया जाता है, तो संघर्ष समिति जो भी निर्णय लेगी, मातृशक्ति उसके दिशा-निर्देशों के अनुसार आंदोलन में भाग लेने के लिए तैयार है।

उषा कनवासी ने कहा कि सिमली में पहले भी अस्पताल की मांग को लेकर आठ से दस हजार महिलाओं के एकत्र होने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर संघर्ष समिति के आह्वान पर मातृशक्ति फिर एकजुट होकर अपनी मांग के समर्थन में खड़ी होगी।

मांग पूरी नहीं हुई तो धरने पर बैठेंगे आंदोलनकारी,

संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुन्ना सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि पदयात्रा का उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाना नहीं, बल्कि सिमली बेस अस्पताल के संबंध में शासनादेश जारी कराने की मांग को निर्णायक स्तर तक पहुंचाना है। उनसे जब पूछा गया कि यदि मुख्यमंत्री की ओर से मांग स्वीकार नहीं की जाती और शासनादेश जारी नहीं होता है, तो संघर्ष समिति का अगला कदम क्या होगा, तो उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलनकारी देहरादून में ही धरने पर बैठ जाएंगे। जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल भी की जाएगी।

सिमली से शुरू हुई इस पदयात्रा के दौरान आंदोलनकारियों ने “बेस नहीं तो वोट नहीं” का नारा बुलंद किया है। संघर्ष समिति का कहना है कि सिमली में बेस अस्पताल की स्थापना केवल एक क्षेत्र की मांग नहीं, बल्कि चमोली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाले मुख्यमंत्री आवास कूच पर टिकी हैं। आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए शासनादेश जारी करेगी। वहीं, संघर्ष समिति ने साफ कर दिया है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखा जाएगा।

रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी

नंदा न्यूज़, देहरादून।

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