डिजिटल अरेस्ट, फर्जी ट्रेडिंग और मैट्रिमोनियल फ्रॉड पर पुलिस का अलर्ट; साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
नंदा न्यूज़ | रुद्रप्रयाग
रुद्रप्रयाग। डिजिटल युग में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया जाता है, तो कभी ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ किया जाता है। ऐसे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग पुलिस ने साइबर सुरक्षा अभियान 2.0 के तहत जन-जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
इसी क्रम में 15 अक्टूबर 2026 को राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) कोठगी, घोलतीर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वालों से रहें सतर्क,
कार्यक्रम में निरीक्षक अशोक कुमार, उपनिरीक्षक प्रदीप चौहान, उपनिरीक्षक जयवीर, हेड कांस्टेबल अनूप लिंगवाल और कांस्टेबल देवेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों की जानकारी दी।
पुलिस टीम ने बताया कि साइबर ठग पुलिस, सीबीआई, कस्टम या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर फोन अथवा वीडियो कॉल करते हैं। वे कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाकर लोगों से धनराशि की मांग करते हैं। विद्यार्थियों को समझाया गया कि ऐसे दबाव में आकर पैसे न भेजें और संदिग्ध कॉल की सूचना संबंधित एजेंसियों को दें।
फर्जी ट्रेडिंग और निवेश के लालच से बचें,

पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप, व्हाट्सऐप वीआईपी ग्रुप और कम समय में भारी मुनाफा दिलाने के दावों के प्रति भी सचेत किया। साइबर अपराधी शुरुआत में फर्जी मुनाफा दिखाकर लोगों का भरोसा जीतते हैं और बाद में रकम निकालने के नाम पर टैक्स या अन्य शुल्क मांगते हैं।
इसके साथ ही मैट्रिमोनियल फ्रॉड के बारे में बताते हुए कहा गया कि शादी का प्रस्ताव देने वाले अनजान व्यक्ति द्वारा महंगे उपहार, विदेशी पार्सल या कस्टम शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाने पर सावधानी बरतें।
सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा जरूरी,
विद्यार्थियों को सोशल मीडिया प्रोफाइल सुरक्षित रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने और निजी जानकारी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने या ओटीपी साझा करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत: पुलिस ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in की जानकारी दी। ठगी का पता चलते ही जल्द शिकायत करने और बैंक संबंधी जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा और नशे के खिलाफ जागरूकता,

कार्यक्रम में महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों और सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। पुलिस ने महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सहायता नंबर 112 के बारे में बताते हुए जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशे से दूर रहने तथा सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की गई।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील,
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विद्यार्थियों को नाबालिग अवस्था में वाहन नहीं चलाने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने की सीख दी गई।
रुद्रप्रयाग पुलिस का संदेश: साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और जागरूकता है। अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें, अनजान लोगों के झांसे में न आएं और किसी भी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करें।
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