सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर पदयात्रा ऋषिकेश पहुंची, फूल-मालाओं से हुआ भव्य स्वागत,
ऋषिकेश। चमोली जनपद के सिमली में बेस अस्पताल की मांग को लेकर निकली पदयात्रा लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। पहली नवरात्रि पर मां चंडिका के पावन धाम सिमली से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई यह पदयात्रा अब ऋषिकेश पहुंच गई है। यहां पदयात्रियों का समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। पदयात्रा के समर्थन में उमड़ रहे जनसमर्थन से आंदोलनकारियों के हौसले बुलंद हैं। समिति का लक्ष्य 20 अक्टूबर को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सिमली बेस अस्पताल का शासनादेश जारी करने की मांग को सरकार के सामने मजबूती से उठाना है।
ऋषिकेश में मनीष डिमरी और संदीप भंडारी ने किया स्वागत,
ऋषिकेश पहुंचने पर मनीष डिमरी के नेतृत्व में पदयात्रियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। वहीं, समाजसेवी संदीप भंडारी ने भी पदयात्रियों का जोरदार स्वागत कर उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। स्वागत के दौरान पदयात्रियों के संघर्ष और क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर चर्चा हुई।
पदयात्रा का उद्देश्य चमोली जनपद के सिमली क्षेत्र में बेस अस्पताल की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। समिति का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में गंभीर बीमारी, दुर्घटना और आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। अस्पताल की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं और अब इस मांग को लेकर पैदल देहरादून कूच किया जा रहा है।
मां चंडिका धाम से शुरू हुआ संघर्ष, कई पड़ाव पार कर ऋषिकेश पहुंची पदयात्रा,

सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के नेतृत्व में पहली नवरात्रि पर मां चंडिका मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पदयात्रा शुरू की गई थी। इसके बाद पदयात्रियों ने गोचर, रुद्रप्रयाग और श्रीनगर सहित विभिन्न पड़ावों से होते हुए अपनी यात्रा जारी रखी। लंबे पैदल सफर के बाद पदयात्रा का ऋषिकेश पहुंचना आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
पदयात्रियों का कहना है कि यह केवल अस्पताल की मांग नहीं, बल्कि पहाड़ के दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की लड़ाई है। आंदोलन के माध्यम से सरकार से मांग की जा रही है कि सिमली बेस अस्पताल को लेकर आवश्यक शासनादेश जल्द जारी किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े।
ऋषिकेश बस अड्डे से देहरादून के लिए रवाना हुए पदयात्री:

ऋषिकेश में रात्रि विश्राम के बाद आज सुबह पदयात्रा ऋषिकेश बस अड्डे से देहरादून के लिए रवाना हुई। यात्रा के दौरान पदयात्री नटराज चौक पहुंचे। इसके बाद उत्तराखंड के प्रख्यात जननेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की स्मृति में स्थापित चौक पर पहुंचकर उन्हें पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पदयात्रा देहरादून की ओर आगे बढ़ गई।
आज की यात्रा का पड़ाव डोईवाला निर्धारित किया गया है। यहां रात्रि विश्राम के बाद पदयात्री अगले चरण की यात्रा जारी रखते हुए 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास देहरादून पहुंचने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे।
20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास पर उठेगी बेस अस्पताल की मांग,
सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति की इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य सरकार से अस्पताल के संबंध में ठोस निर्णय और शासनादेश जारी कराने की मांग करना है। समिति का कहना है कि क्षेत्र में अस्पताल को लेकर उम्मीदें लंबे समय से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में अब सरकार को इस दिशा में स्पष्ट कदम उठाना चाहिए।
पदयात्रा के साथ जुड़े ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचेगी और सिमली बेस अस्पताल की मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
नंदा न्यूज़ की खास रिपोर्ट
सिमली से देहरादून तक जारी यह पदयात्रा पहाड़ में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद और ग्रामीणों के संघर्ष का प्रतीक बनती जा रही है। अब सबकी निगाहें 20 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब पदयात्री मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर अपनी मांग रखेंगे।
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