आचार्य सेमवाल जी ने विधि-विधान से संपन्न कराई पूजा-अर्चना, रामलीला आयोजन की तैयारियां तेज,
सिमली (कर्णप्रयाग), चमोली।
धार्मिक आस्था और पहाड़ की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने के उद्देश्य से मां चंडिका रामलीला कमेटी सिमली की ओर से आगामी एक नवंबर से रामलीला मंचन का आयोजन किया जाएगा। आयोजन के शुभारंभ से पूर्व आज कमेटी की ओर से हनुमान ध्वज चढ़ाया गया। इस अवसर पर आचार्य सैमुअल जी के द्वारा विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। पूजा के उपरांत हनुमान ध्वज स्थापित कर भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान से रामलीला के सफल आयोजन की कामना की गई।
हनुमान ध्वज पूजन के साथ ही सिमली क्षेत्र में रामलीला आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल बनने लगा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रामलीला के आयोजन से पूर्व हनुमान ध्वज की स्थापना शुभ कार्य के आरंभ और प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। इसी परंपरा के तहत मां चंडिका रामलीला कमेटी ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर रामलीला की तैयारियों को आगे बढ़ाया।
एक नवंबर से शुरू होगा रामलीला मंचन:

मां चंडिका रामलीला कमेटी के अध्यक्ष संजय डिमरी ने नंदा न्यूज़ के रिपोर्टर से बातचीत में रामलीला आयोजन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एक नवंबर से सिमली, कर्णप्रयाग में रामलीला मंचन शुरू किया जाएगा। आयोजन से पूर्व हनुमान ध्वज पूजन किया गया है और अब कमेटी रामलीला की तैयारियों में जुटी है।
उन्होंने बताया कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों, आदर्शों और मर्यादा के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। रामलीला भारतीय संस्कृति की ऐसी परंपरा है, जो सत्य, धर्म, कर्तव्य और सदाचार की प्रेरणा देती है।
धार्मिक परंपरा के साथ लोक संस्कृति को बढ़ावा,
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। ऐसे आयोजनों के जरिए स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है।
मां चंडिका रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित होने जा रही रामलीला से सिमली और आसपास के क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आचार्य सैमुअल जी के द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराने और उसके बाद हनुमान ध्वज चढ़ाए जाने के साथ ही रामलीला आयोजन की धार्मिक शुरुआत हो गई है।
अब क्षेत्रवासियों को एक नवंबर से शुरू होने वाली रामलीला का इंतजार है, जहां भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन प्रसंगों का मंचन देखने को मिलेगा।
नंदा न्यूज़, सिमली-कर्णप्रयाग।
