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*”आजादी के दशकों बाद भी सड़क का इंतजार, बीमार को कंधों पर ढोने को मजबूर ग्रामीण”*

सड़क के अभाव में ग्रामीणों की मजबूरी: बीमार व्यक्ति को कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया

देवाल/चमोली। जनपद चमोली के विकासखंड देवाल की ग्राम पंचायत ओड़र टोक ऐरठ में आज भी सड़क सुविधा न पहुंचने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा घटना में एक बीमार व्यक्ति को उपचार के लिए ग्रामीणों ने कंधों पर उठाकर कई किलोमीटर पैदल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने क्षेत्र में सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार और मूलभूत सुविधाओं की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक गांव तक मोटर मार्ग नहीं पहुंच सका। बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को आपात स्थिति में डंडी-कांडी या कंधों के सहारे अस्पताल ले जाना पड़ता है। सड़क न होने के कारण समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

चमोली के देवाल क्षेत्र में सड़क सुविधा के अभाव में मरीजों को कंधों पर अस्पताल पहुंचाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल स्थिति उजागर होती है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गांव को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि लोगों को इलाज और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

यह ‌चमोली जिला ‌ विकासखंड देवाल ‌ ग्राम पंचायत ओडर का तोक ऐरठा का है ‌ ग्रामीण काफी लंबे टाइम से ‌ सड़क की मांग कर रहे हैं ‌ लेकिन आज तक सड़क नहीं बन पा रही है ‌ जो की 2021 में ‌ पदमला कंजेरु ऐरठा ओडर ‌ सड़क ‌ 8 किलोमीटर ‌ स्वीकृति मिली है !
* ग्राम प्रधान:प्रेमा देवी *

 

 

2 thoughts on “*”आजादी के दशकों बाद भी सड़क का इंतजार, बीमार को कंधों पर ढोने को मजबूर ग्रामीण”*

  1. Pahadoon ko ye neta log bus ghoome ke liye hi aate hai ..koi nhi puchne wala …

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