“ढोल बजाकर खोली अपराधी की पोल! जानलेवा हमले के फरार आरोपी के घर पहुंची दून पुलिस, न्यायालय के आदेश पर की गई मुनादी।”
नंदा न्यूज़ स्पेशल रिपोर्ट
रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी | नंदा न्यूज़ | देहरादून
देहरादून में अपराधियों के खिलाफ दून पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली नगर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, जो पिछले कई दिनों से पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई से बचता हुआ फरार चल रहा था। जानलेवा हमले के इस मामले में पुलिस आरोपी के घर पहुंची और न्यायालय के आदेश पर ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराते हुए उसे अदालत में पेश होने की चेतावनी दी।
मामला कोतवाली नगर में दर्ज मुकदमा संख्या 234/2026 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार इस मामले में वांछित आरोपी आसिफ बाबा उर्फ आसिफ मलिक, पुत्र मोहम्मद यासीन, निवासी मेहुवाला, नया नगर, थाना पटेलनगर, देहरादून, लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा। पुलिस की कई टीमों ने उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगा।
पुलिस के मुताबिक 28 जून 2026 को एमजे टॉवर के बेसमेंट में एक विवाद के दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रियांश जैन पर हमला किया था। आरोप है कि पहले युवक के साथ मारपीट की गई और फिर उस पर धारदार हथियारों से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और अन्य आरोपियों की तलाश के साथ मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए।
जब आरोपी लगातार फरार रहा, तब पुलिस ने न्यायालय से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट प्राप्त किया। इसके बावजूद आरोपी ने आत्मसमर्पण नहीं किया और गिरफ्तारी से बचता रहा। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय से बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उद्घोषणा की अनुमति प्राप्त की।
बुधवार को पुलिस टीम आरोपी के मेहुवाला स्थित घर पहुंची। यहां न्यायालय के आदेश के अनुसार ढोल-नगाड़ों के साथ सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई गई। दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उद्घोषणा की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके साथ ही आरोपी के मकान के मुख्य द्वार और मोहल्ले के प्रमुख स्थानों तथा चौराहों पर न्यायालय की उद्घोषणा चस्पा की गई।
मुनादी के दौरान पुलिस ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि आरोपी तत्काल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत हो। यदि वह निर्धारित समय के भीतर अदालत में पेश नहीं होता है, तो न्यायालय के आदेशानुसार उसके खिलाफ अगली वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।
दून पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जो भी आरोपी कानून से बचने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ न्यायालय की अनुमति से इसी प्रकार की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसएसपी देहरादून के निर्देश पर सभी थाना प्रभारियों को वांछित और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक थाना स्तर पर ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि कोई भी आरोपी कानून की गिरफ्त से बच न सके।
दून पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी फरार आरोपी के संबंध में कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है।
देहरादून पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अपराध करने के बाद फरार होकर कानून से बचना अब आसान नहीं होगा। पुलिस न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए लगातार फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर संपत्ति कुर्की जैसी कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी
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