*बटुमी (जॉर्जिया) में भारत का परचम… देहरादून की अंशिका असवाल ने जीता कांस्य, शुभम रावत ने जीता रजत पदक*
नंदा न्यूज़ स्पेशल रिपोर्ट
रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी | नंदा न्यूज़ | देहरादून
यूरोप के देश जॉर्जिया के खूबसूरत शहर बटुमी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वुशू टूर्नामेंट में उत्तराखंड के दो होनहार खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। देहरादून की अंशिका असवाल ने कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, जबकि शुभम रावत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
यह उपलब्धि केवल इन दोनों खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और भारत के लिए गर्व का क्षण है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
नंदा न्यूज़ से विशेष बातचीत में अंशिका असवाल के पिता खुशाल असवाल, निवासी नया गांव, शिमला बाइपास रोड, देहरादून ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही खेल के प्रति समर्पित रही है। लगातार अभ्यास, अनुशासन और कठिन मेहनत की बदौलत आज उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर परिवार का सपना साकार किया है। उन्होंने कहा कि बेटी की इस सफलता ने पूरे परिवार को गौरवान्वित कर दिया है।
वहीं शुभम रावत के पिता दलबीर रावत, निवासी रतनपुर, शिमला बाइपास रोड, देहरादून ने भी नंदा न्यूज़ से बातचीत में कहा कि शुभम ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वर्षों तक लगातार कठिन परिश्रम किया। सुबह-शाम अभ्यास, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और कभी हार न मानने की भावना ने उसे आज इस सफलता तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि बेटे ने परिवार, उत्तराखंड और पूरे भारत का नाम रोशन किया है।
दोनों अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके कोचों का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और खिलाड़ियों की अथक मेहनत सबसे बड़ी ताकत रही। उनका मानना है कि यदि सरकार और समाज ऐसे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन दें, तो उत्तराखंड से और भी कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीत सकते हैं।
गौरतलब है कि जॉर्जिया के बटुमी में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय वुशू प्रतियोगिता में कई देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। ऐसे कड़े मुकाबलों के बीच उत्तराखंड के इन दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
एक छोटे से परिवार और साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विदेश की धरती पर तिरंगे का मान बढ़ाना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है। अंशिका असवाल और शुभम रावत की यह उपलब्धि उत्तराखंड के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर दुनिया के किसी भी मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है।
आज पूरा उत्तराखंड इन दोनों खिलाड़ियों की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है। खेल प्रेमियों, स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से पदक जीतकर लौटे दोनों खिलाड़ियों के स्वागत के लिए क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। अंशिका असवाल और शुभम रावत के सम्मान में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, खेल प्रेमी और जनप्रतिनिधि पहुंचे। पूरे क्षेत्र ने दोनों खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरेंद्र शर्मा, गुलजार अहमद, राकेश सिंह नेगी, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। सभी ने कहा कि इन होनहार खिलाड़ियों ने न केवल अपने माता-पिता, बल्कि उत्तराखंड और पूरे भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। ऐसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं!
रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी
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