अब ग्राम पंचायतों में बिना सूचना नहीं होंगे विकास कार्य, पहले प्रधान को देनी होगी जानकारी
रिपोर्टर: महिपाल सिंह नेगी | नंदा न्यूज
उत्तराखंड की ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब किसी भी सरकारी विभाग को गांव में विकास कार्य शुरू करने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत और ग्राम प्रधान को पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। क्या है पूरा मामला, बता रहे हैं हमारे संवाददाता महिपाल सिंह नेगी, सिद्धोवाला, देहरादून।
रिपोर्ट – महिपाल सिंह नेगी | नंदा न्यूज़ | सिद्धोवाला, देहरादून
उत्तराखंड सरकार ग्रामीण विकास को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक अहम पहल करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत अब गांवों में किसी भी विभाग द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों से पहले संबंधित ग्राम पंचायत और ग्राम प्रधान को पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा। इस प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को विकास योजनाओं में अधिक सक्रिय भूमिका देना और स्थानीय स्तर पर समन्वय को मजबूत करना है।
जानकारी के अनुसार, अब विभागों को कार्य शुरू करने से पहले पंचायत को योजना की लागत, स्वीकृत धनराशि, कार्य की प्रकृति, निर्माण एजेंसी, कार्य शुरू होने की तिथि और निर्धारित समय-सीमा जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इससे ग्राम पंचायतें विकास कार्यों की निगरानी बेहतर ढंग से कर सकेंगी।
अब तक कई मामलों में ऐसा देखने को मिलता था कि विभाग गांवों में बिना पंचायत को सूचना दिए निर्माण कार्य शुरू कर देते थे। इससे ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों को योजना की जानकारी नहीं मिल पाती थी और कई बार गुणवत्ता तथा प्राथमिकताओं को लेकर विवाद भी सामने आते थे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य शुरुआत से ही विकास कार्यों की जानकारी रख सकेंगे। इससे कार्यों की निगरानी मजबूत होगी, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार सुझाव दिए जा सकेंगे और जनता के बीच पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सरकार का मानना है कि पंचायतों की भागीदारी बढ़ने से विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। ग्रामीणों और विभागों के बीच समन्वय मजबूत होने से अनावश्यक विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही सभी संबंधित विभागों को जारी किया जाएगा। इसके बाद ग्राम्य विकास, पंचायती राज, पेयजल, ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग और अन्य विभागों को इस व्यवस्था का पालन करना होगा।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो गांवों में होने वाले विकास कार्य अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और जनहितकारी बनेंगे। साथ ही पंचायतों की भूमिका भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी।
*महिपाल सिंह नेगी, नंदा न्यूज़, सिद्धोवाला, देहरादून।**

