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“आराकोट में छात्रा को जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश का आरोप, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल”

“आराकोट में छात्रा को जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश का आरोप, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल”

उत्तरकाशी। आराकोट क्षेत्र में स्कूल जा रही कक्षा नौ की 14 वर्षीय छात्रा को कथित तौर पर जबरन वाहन में बैठाने के प्रयास का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। इशाली गांव से आराकोट इंटर कॉलेज जा रही छात्रा ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए खुद को सुरक्षित बचा लिया। घटना के बाद अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, छात्रा सुबह अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे कथित रूप से वाहन में बैठाने का प्रयास किया गया। छात्रा ने स्थिति को भांपते हुए स्वयं को बचाया और सुरक्षित निकलने में सफल रही। मामले की लिखित सूचना पुलिस चौकी सहेल में दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जानी चाहिए, संदिग्ध वाहन की पहचान की जानी चाहिए तथा संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाई जानी चाहिए।

युवा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व में क्षेत्र के युवाओं ने भी घटना के बाद सतर्कता बढ़ाने की बात कही है। स्थानीय युवाओं द्वारा क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा किसी भी संदिग्ध सूचना को पुलिस-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में केवल घटना के बाद सतर्कता बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आराकोट क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त और स्कूल मार्गों पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।

लोगों ने आराकोट क्षेत्र में पुलिस बैरियर लगाने, नियमित वाहन चेकिंग करने, स्कूल आने-जाने वाले मार्गों पर गश्त बढ़ाने तथा संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की नियमानुसार जांच करने की मांग की है।

*बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल*

आराकोट की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कई बच्चे रोजाना पैदल अथवा सार्वजनिक वाहनों से स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में स्कूल मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

फिलहाल छात्रा से जुड़े इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। स्थानीय लोगों की मांग है कि जांच निष्पक्ष और त्वरित हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, छात्राओं और अभिभावकों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के लिए आराकोट क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाए।

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