साथी मोनिश की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया था साकिब का नाम, पुलिस की लगातार दबिश और मुखबिर तंत्र की मदद से चढ़ा हत्थे
देहरादून। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने में जुटी दून पुलिस को एक और कामयाबी मिली है। कोतवाली प्रेमनगर में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में लंबे समय से वांछित चल रहे साकिब को पुलिस ने झाझरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
मामला कोतवाली प्रेमनगर में दर्ज मु0अ0सं0 93/24, धारा 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पूर्व में मोनिश नामक आरोपी को अवैध मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी में साकिब की संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे मुकदमे में वांछित करते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
*लगातार ठिकाने बदल रहा था आरोपी*
गिरफ्तारी से बचने के लिए साकिब लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसके अलावा मोबाइल सर्विलांस की मदद से भी आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
पुलिस की लगातार कोशिशों के बीच मुखबिर से मिली सूचना ने कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया। सूचना मिली कि वांछित आरोपी झाझरा क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर साकिब को गिरफ्तार कर लिया।
*नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी नजर*
साकिब की गिरफ्तारी को पुलिस की नशा तस्करों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
*गिरफ्तार आरोपी*
साकिब पुत्र इस्तीखाव, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी खेड़ी शिकोहपुर, थाना भगवानपुर, हाल निवासी एचपी गैस गोदाम, बंजारावाला, थाना पटेलनगर, देहरादून।
*गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम*
“उपनिरीक्षक विजय प्रताप राही के नेतृत्व में”
– कांस्टेबल संदीप
– कांस्टेबल अनीश
दून पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि नशा तस्करी के मामलों में केवल मौके पर पकड़े गए आरोपियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जा रही, बल्कि पूछताछ में सामने आने वाले फरार आरोपियों तक भी पुलिस की पहुंच बनाई जा रही है। साकिब की गिरफ्तारी इसी कड़ी में अहम मानी जा रही है।

