हल्द्वानी : हल्दूचौड़ में हादसों का सिलसिला नहीं थम रहा, रविवार को फिर गई युवक की जान
डंपर की टक्कर से स्कूटी सवार कमल पांडे की मौके पर मौत, लगातार हो रहे हादसों से उठे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
हल्दूचौड़। लालकुआं कोतवाली क्षेत्र का हल्दूचौड़ मुख्य चौराहा एक बार फिर सड़क हादसे का गवाह बना। रविवार को तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से स्कूटी सवार युवक कमल पांडे पुत्र पूरन पांडे, निवासी हिम्मतपुर की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक मुख्य सड़क पार कर रहा था, तभी तेज गति से आ रहे डंपर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर लालकुआं कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
पहले भी जानलेवा साबित हो चुका है हल्दूचौड़-लालकुआं मार्ग
हल्दूचौड़ और लालकुआं के बीच हाईवे पर सड़क हादसों का सिलसिला नया नहीं है। जून 2026 में लालकुआं-हल्दूचौड़ हाईवे पर बबूर गुमटी के पास सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हुई थी।
इससे पहले भी इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों और हाईवे पर बने कटों को लेकर हादसे सामने आते रहे हैं। अप्रैल 2026 में लालकुआं हाईवे पर ऑटो और कार की टक्कर में एक महिला की मौत और आठ लोगों के घायल होने की घटना सामने आई थी। रिपोर्ट में बेतरतीब कट को हादसे की वजहों में शामिल किया गया था।
वहीं, जनवरी 2024 में भी लालकुआं क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक के सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराने की घटना में दो युवकों की मौत हुई थी।
बार-बार हादसों के बावजूद स्थायी समाधान का इंतजार
लगातार हो रहे हादसों ने हल्दूचौड़ मुख्य चौराहे और आसपास के हाईवे पर यातायात नियंत्रण, स्पीड मॉनिटरिंग, सुरक्षित क्रॉसिंग, कटों के प्रबंधन और भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार और पैदल व दोपहिया वाहन चालकों के सड़क पार करने के दौरान खतरा लगातार बना रहता है।
रविवार की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर हल्दूचौड़ में सड़क हादसों पर प्रभावी रोक कब लगेगी और कब तक लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ेगा?

