अब #ऋषिकेश-हरिद्वार जाकर बस बदलने की मजबूरी नहीं, GMOU ने तैयार किया सीधा पर्वतीय नेटवर्क,
देहरादून। राजधानी देहरादून से पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड (GMOU) की ‘हिमगिरी एक्सप्रेस’ बस सेवा शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रही है। पहली बार GMOU को देहरादून से सीधे पर्वतीय मार्गों पर बस संचालन की अनुमति मिली है। इससे पहाड़ जाने वाले यात्रियों को अब हरिद्वार या ऋषिकेश जाकर बस बदलने की परेशानी से काफी हद तक राहत मिलेगी।
#चांदनी चौक-भुड्डी गांव से होगा संचालन,
GMOU की ये बसें देहरादून के चांदनी चौक, भुड्डी गांव के पास से संचालित होंगी। बसें शहर में शिमला बाईपास–आईएसबीटी–रिस्पना पुल होते हुए आगे पर्वतीय मार्गों की ओर जाएंगी। कुछ प्रस्तावित सेवाएं ऋषिकेश मार्ग से और कुछ हरिद्वार मार्ग से पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचेंगी। संचालन के लिए भुड्डी गांव में GMOU का शाखा कार्यालय भी तैयार किया गया है।
“पहले चरण में प्रतिदिन 11 सेवाएं”
GMOU के अनुसार पहले चरण में प्रतिदिन 11 बस सेवाओं का संचालन किया जाना है। हालांकि शुरुआत में बीरोंखाल और थलीसैंण की सेवाओं को प्राथमिकता के साथ शुरू किया जा रहा है। यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर आगे अन्य सेवाओं को भी क्रमशः शुरू किया जाएगा।
“इन प्रमुख पर्वतीय रूटों पर चलेगी हिमगिरी एक्सप्रेस”
प्रस्तावित/स्वीकृत नेटवर्क में प्रमुख रूप से ये मार्ग शामिल हैं—
1. जोशीमठ रूट
देहरादून → ऋषिकेश → श्रीनगर → कर्णप्रयाग → चमोली → पीपलकोटी → जोशीमठ
2. बैजरो रूट
देहरादून → ऋषिकेश → देवप्रयाग → सतपुली → एकेश्वर → पोखड़ा → बैजरो
3. गोपेश्वर क्षेत्र रूट
देहरादून → ऋषिकेश → श्रीनगर → कर्णप्रयाग → चमोली → गोपेश्वर/रोपा-बछेर
4. पोखरी-कलसिर रूट
देहरादून → ऋषिकेश → देवप्रयाग → श्रीनगर → रुद्रप्रयाग → पोखरी → कलसिर
5. ऊखीमठ-सारी रूट
देहरादून → ऋषिकेश → देवप्रयाग → श्रीनगर → रुद्रप्रयाग → कुंड → ऊखीमठ → सारी
6. थलीसैंण रूट
देहरादून → ऋषिकेश → देवप्रयाग → पौड़ी → त्रिपालीसैंण → थलीसैंण
7. धुमाकोट-गोलीखाल रूट
देहरादून → हरिद्वार → कोटद्वार → रथवाढाब → धुमाकोट → गोलीखाल
8. रिखणीखाल-भौंण रूट
देहरादून → हरिद्वार → कोटद्वार → डेरियाखाल → रिखणीखाल → भौंण
9. लैंसडौन रूट
देहरादून → ऋषिकेश → लक्ष्मणझूला → गुमखाल → जहरीखाल → लैंसडौन
“पहले चरण में सात प्रमुख पर्वतीय दिशाओं पर फोकस”
GMOU के पहले चरण के लिए जिन प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है, उनमें जोशीमठ, गोपेश्वर, ऊखीमठ, नागनाथ पोखरी, तिरपालीसैंण, बीरोंखाल और धुमाकोट शामिल हैं। इसके बाद यात्रियों की मांग के अनुसार बसों की संख्या और सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
“सटीक समय-सारणी का यात्रियों को इंतजार”
GMOU प्रबंधन ने बसों की समय-सारणी तैयार किए जाने की जानकारी दी है, लेकिन हर रूट की देहरादून से रवाना होने की सटीक घड़ी और किराया अभी उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से जारी नहीं किया गया है। इसलिए यात्रियों को सलाह है कि 11 सितंबर से यात्रा करने से पहले GMOU के भुड्डी गांव स्थित शाखा कार्यालय अथवा संबंधित बस सेवा से प्रस्थान समय और किराये की पुष्टि कर लें।
“पहाड़ और राजधानी के बीच सीधा परिवहन संपर्क”
‘हिमगिरी एक्सप्रेस’ के शुरू होने से देहरादून में रहने वाले पहाड़ के लोगों के साथ-साथ विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को सीधा परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के यात्रियों के लिए यह सेवा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नंदा न्यूज़ के लिए—देहरादून।
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