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“चमोली पुल पर रेलिंग से नीचे झांक रही थी जिंदगी, पुलिस ने वक्त रहते थाम लिया युवक का हाथ”

अलकनंदा में छलांग लगाने की तैयारी में था युवक, गश्त कर रही पुलिस की सतर्कता से बची जान; पत्नी से विवाद के बाद उठाया था खौफनाक कदम

चमोली, 29 सितंबर।

चमोली पुल पर मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मचने से बच गई, जब एक युवक अलकनंदा नदी में छलांग लगाने के इरादे से पुल की रेलिंग पर चढ़ गया। नीचे गहराई में बहती अलकनंदा और ऊपर जिंदगी-मौत के बीच खड़ा युवक—हालात बेहद नाजुक थे। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस की सतर्कता ने महज कुछ पलों में पूरी तस्वीर बदल दी।

चमोली पुलिस की टीम शाम के समय क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस कर्मियों की नजर पुल की रेलिंग पर चढ़े एक युवक पर पड़ी। युवक जिस तरह से नदी की ओर देख रहा था, उससे पुलिस ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। पुलिस को अंदेशा हुआ कि युवक किसी अनहोनी को अंजाम देने की तैयारी में है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक विजय प्रकाश ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई शुरू की। हमराह कांस्टेबल मुकेश सैलानी और पीआरडी जवान सुरेंद्र भारती के सहयोग से पुलिस टीम ने युवक को समय रहते पकड़ लिया। पुलिस की तत्परता से युवक को रेलिंग से सुरक्षित नीचे उतारा गया और उसे अलकनंदा नदी में छलांग लगाने से रोक लिया गया।

कुछ सेकंड की देरी भी भारी पड़ सकती थी, लेकिन पुलिस टीम की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने एक युवक की जिंदगी बचा ली।

“पत्नी से विवाद के बाद टूट गया था युवक”

पुलिस युवक को सुरक्षित थाने लेकर पहुंची, जहां उसे शांत कराया गया और समझाया-बुझाया गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि पत्नी से हुए विवाद के बाद युवक मानसिक रूप से बेहद परेशान और भावनात्मक रूप से आहत था। इसी आवेश में उसने अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा कदम उठाने का फैसला कर लिया था।

पुलिस ने युवक को समझाया कि पारिवारिक विवाद और जीवन की कठिन परिस्थितियां स्थायी नहीं होतीं, लेकिन जिंदगी बेहद अनमोल है। किसी भी परेशानी के दौरान आवेश में उठाया गया एक कदम पूरे परिवार को जिंदगीभर का दर्द दे सकता है।

बाद में पुलिस ने युवक के परिजनों को थाने बुलाया और युवक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।

‘पुलिस की सतर्कता ने टाल दी बड़ी अनहोनी,

चमोली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस की सतर्कता केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर वह संकट में फंसे लोगों के लिए जीवनरक्षक सहारा भी बन सकती है।

एक पल का आवेश जिंदगी खत्म कर सकता था, लेकिन पुलिस की कुछ पलों की सतर्कता ने एक परिवार को टूटने से बचा लिया।

रिपोर्टिंग: महिपाल सिंह नेगी, चमोली

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