ऋषिकेश छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर वैभव रावत ने 1,042 मत हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि प्रियांशु कुमाई को 999 मत मिले। दोनों के बीच जीत का अंतर 43 मत रहा।
प्रियांशु कुमाई पूरे चुनाव में मजबूत मुकाबले में रहे। चुनाव से पहले उन्हें एबीवीपी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा गया था, जबकि वैभव रावत को एनएसयूआई सहित कई छात्र संगठनों के समर्थन की खबरें सामने आई थीं।

चुनाव के अंतिम दौर में राजनीतिक हस्तियों की सक्रियता और उनके समर्थन को लेकर भी चर्चाएं तेज रहीं। कुछ स्थानीय लोगों और छात्रों के बीच यह धारणा चर्चा में रही कि विधायक प्रेम चंद्र अग्रवाल की चुनावी सक्रियता के बाद समीकरणों में बदलाव आया। हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों से यह स्थापित नहीं होता कि उनकी एंट्री ही प्रियांशु कुमाई की हार का कारण बनी।
यही वजह है कि इस चुनाव परिणाम को लेकर अब एक बड़ा राजनीतिक सवाल जरूर उठ रहा है—क्या ऋषिकेश के छात्रसंघ चुनाव का यह परिणाम आने वाले समय में स्थानीय राजनीति की चर्चाओं को प्रभावित करेगा?
इसका जवाब फिलहाल देना जल्दबाजी होगी। 2027 के विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक परिस्थितियां, मुद्दे और समीकरण कई बार बदल सकते हैं। इसलिए छात्रसंघ चुनाव के परिणाम को आगामी विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत मानना अभी उचित नहीं होगा।

फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि 43 मतों के अंतर से आई वैभव रावत की जीत ने ऋषिकेश की छात्र राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिणाम दर्ज किया है।
वैभव रावत को जीत की हार्दिक बधाई और प्रियांशु कुमाई सहित सभी प्रत्याशियों को उनके लोकतांत्रिक प्रयास के लिए शुभकामनाएं। 💐
नन्दा न्यूज: ऋषिकेश

