अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता, देहरादून में लेखक शशि रंजन कुमार ने रखे विचार
– दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘द डिक्लाइन ऑफ हिंदू सिविलाइजेशन: लेसन्स फ्रॉम द पास्ट’ पुस्तक पर हुई विस्तृत चर्चा – “यह किताब वर्तमान और अगली पीढ़ी के लिए इतिहास का दस्तावेज बनेगी”: आनंद बर्द्धन मुख्य सचिव – “आज़ादी के बाद हिंदुस्तान के इतिहास को एक सेलेक्टिव तरीके से परोसा गया”: प्रो. सुरेखा डंगवाल…

