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चारधाम यात्रा के मद्देनजर अग्निशमन व्यवस्थाओं की परख,

चारधाम यात्रा के मद्देनजर अग्निशमन व्यवस्थाओं की परख, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने किया रुद्रप्रयाग फायर स्टेशन का निरीक्षण

वाहनों, रेस्क्यू उपकरणों और अभिलेखों की जांच; आपातकाल में त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग के निर्देश

रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा के दौरान अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र सिंह खाती ने फायर स्टेशन रुद्रप्रयाग का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अग्निशमन वाहनों, रेस्क्यू उपकरणों, संचार व्यवस्था, विभागीय अभिलेखों और स्टेशन परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सबसे पहले परेड का निरीक्षण किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने अग्निशमन अधिकारी रुद्रप्रयाग सहित उपस्थित कार्मिकों की उपस्थिति और अनुशासन का अवलोकन किया। इसके बाद स्टेशन परिसर, कार्यालय, स्टोर, मोटर ट्रांसपोर्ट (एमटी) अभिलेखों, अग्निशमन वाहनों, उपकरणों, संचार व्यवस्था और फायर स्टेशन भवन की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अभिलेखों की जांच के दौरान आवश्यक प्रविष्टियां अद्यतन पाई गईं।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने स्टेशन में उपलब्ध रेस्क्यू एवं आपदा प्रबंधन उपकरणों को कार्मिकों से संचालित करवाकर उनकी कार्यशीलता की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अग्निशमन वाहन और उपकरण सदैव क्रियाशील अवस्था में रखे जाएं तथा उनके रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

चारधाम यात्रा के मद्देनजर पर्याप्त जनशक्ति रखने के निर्देश:

चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाली गतिविधियों और आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजेंद्र सिंह खाती ने फायर स्टेशन पर पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं पुरुष फायरमैनों को अग्निशमन और रेस्क्यू उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने तथा जरूरत पड़ने पर उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कार्मिकों को अनुशासन और सत्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश देते हुए कहा कि अग्निशमन एवं रेस्क्यू से जुड़ी किसी भी घटना में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए। विभागीय कार्यों में तत्परता बनाए रखने के साथ ही कार्मिकों की समस्याओं का उचित माध्यम से उच्चाधिकारियों तक पहुंचाना और उनका समयबद्ध निस्तारण भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में पीपीई का इस्तेमाल अनिवार्य:

निरीक्षण के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्यों में कार्मिकों की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी अग्निशमन या रेस्क्यू अभियान के दौरान परिस्थितियों के अनुरूप व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए। इससे बचाव कार्यों के दौरान कार्मिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।

निरीक्षण के अंत में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने फायर स्टेशन की साफ-सफाई, अनुशासन और अग्निशमन व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी कार्मिकों को भविष्य में भी किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए सदैव तैयार रहने और जनसुरक्षा के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

नंदा न्यूज़ | रुद्रप्रयाग

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