रंगदारी केस में अभिनेत्री उर्मिला सनावर को बड़ी कानूनी राहत, हरिद्वार कोर्ट से मिली जमानत; आज की रात जेल में, मंगलवार को बाहर आने की उम्मीद!
नंदा न्यूज़ :हरिद्वार
पांच करोड़ की रंगदारी, धमकी और संपत्ति विवाद के मामले में रोशनाबाद जिला कारागार में बंद अभिनेत्री उर्मिला सनावर को आखिरकार अदालत से राहत मिल गई है। हरिद्वार की अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि, जमानत का परवाना और जमानती दस्तावेज निर्धारित समय तक जेल प्रशासन के पास नहीं पहुंच पाने के कारण सोमवार की रात उन्हें जेल में ही गुजारनी पड़ेगी। अब मंगलवार को कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो सकता है।
हरिद्वार। उत्तराखंड के चर्चित रंगदारी प्रकरण में अभिनेत्री उर्मिला सनावर को अदालत से मिली जमानत ने इस मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अदालत में हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच तीखी दलीलें पेश की गईं। जहां बचाव पक्ष ने पुलिस की ओर से लगाई गई धाराओं और आरोपों की प्रकृति को जमानत का आधार बनाया, वहीं अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
अदालत में क्या हुई दलीलें?
उर्मिला सनावर की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने अदालत में दलील दी कि दर्ज मुकदमे की अधिकांश धाराएं जमानतीय प्रकृति की हैं। वहीं अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह आर्य ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि उर्मिला के खिलाफ पहले से 10 मुकदमे दर्ज हैं और जमानत मिलने पर वह इसका दुरुपयोग कर सकती हैं।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) के तहत गंभीर अपराध प्रथम दृष्टया बनता हुआ प्रतीत नहीं होने की टिप्पणी की। अदालत ने आरोपी के महिला होने और आरोपित अपराध की प्रकृति को भी अपने निर्णय में ध्यान में रखा।
इसके बाद 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतियों की शर्त पर जमानत मंजूर कर दी गई।
पांच करोड़ की रंगदारी और रविदास धाम की संपत्ति विवाद बना गिरफ्तारी की वजह,
इस पूरे मामले की शुरुआत 25 अक्टूबर को हुई थी। पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पुत्री दीपिका राठौर ने रानीपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किए। साथ ही व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम कराने और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप भी लगाया गया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार मांग पूरी नहीं होने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित अन्य संबंधित अधिनियमों में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद रानीपुर पुलिस ने 25 अक्टूबर को उर्मिला सनावर को सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अंकिता भंडारी हत्याकांड के कथित वीआईपी एंगल से भी जुड़ा रहा है नाम:
उर्मिला सनावर का नाम केवल रंगदारी प्रकरण तक सीमित नहीं रहा है। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी एंगल को लेकर भी वह उत्तराखंड की राजनीति और सार्वजनिक बहस के केंद्र में रही हैं।
उर्मिला सनावर ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर से अपने संबंधों का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो सार्वजनिक किया था। इस ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी का जिक्र होने का दावा किया गया था। इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। इस प्रकरण में सीबीआई जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
अब मंगलवार पर टिकी निगाहें,
फिलहाल हरिद्वार कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद उर्मिला सनावर को सोमवार की रात रोशनाबाद जेल में ही बितानी होगी। जमानत का परवाना और जमानती दस्तावेज जेल प्रशासन तक पहुंचने तथा अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उनकी रिहाई हो सकेगी। ऐसे में मंगलवार का दिन उनकी जेल से बाहर आने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रंगदारी प्रकरण में अदालत से मिली इस राहत के बाद अब सबकी नजरें उर्मिला सनावर की संभावित रिहाई और इस पूरे विवाद से जुड़े आगामी घटनाक्रम पर टिकी हैं।
