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|11 नवंबर सुबह 8:30 बजे: भाई दूज के अवसर पर केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होंगे।

बर्फ की सफेद चादर में लिपटी बाबा केदारनाथ की नगरी, कड़ाके की ठंड के बीच भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था; 18.80 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

 

यात्रा के अंतिम 10 दिन शेष, 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट | रात्रि और भोरकाल में हुई ताजा बर्फबारी से निखरा धाम का अलौकिक सौंदर्य

नंदा न्यूज़: केदारनाथ, रुद्रप्रयाग

रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। रात्रि और भोरकाल के दौरान हुई ताजा बर्फबारी के बाद संपूर्ण केदारपुरी बर्फ की सफेद चादर में लिपट गई है। मंदिर परिसर से लेकर आसपास की पहाड़ियों और दूर-दूर तक फैली हिमालय की चोटियों पर बर्फ की सफेद परत दिखाई दे रही है। चारों ओर बिखरी बर्फ और धाम का दिव्य वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराने के साथ ही प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का एहसास करा रहा है।

नवंबर की शुरुआत के साथ ही केदारनाथ धाम में ठंड का असर लगातार बढ़ने लगा है। सुबह और शाम तापमान में गिरावट के चलते कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। इसके बावजूद बाबा केदार के भक्तों के उत्साह और आस्था में कोई कमी नजर नहीं आ रही। बर्फबारी के बाद मौसम खुलने पर श्रद्धालु लगातार धाम पहुंच रहे हैं और कतारों में लगकर भगवान केदारनाथ के दर्शन कर रहे हैं।

बर्फबारी के बीच भी जारी है बाबा केदार के दर्शनों का सिलसिला

धाम में हुई ताजा बर्फबारी ने जहां पूरे क्षेत्र को शीतकालीन प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर कर दिया है, वहीं श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव बन रही है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु बाबा के दर्शन के साथ बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों और केदारपुरी के मनमोहक दृश्यों को अपनी स्मृतियों में संजो रहे हैं।

बर्फबारी थमने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही फिर तेज हो रही है। यात्री पैदल मार्ग, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। हालांकि, बदलते मौसम और बढ़ती ठंड को देखते हुए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

18,80,398 श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन

वर्ष 2026 की केदारनाथ यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है। रुद्रप्रयाग पुलिस के सोशल मीडिया सेल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस यात्रा सीजन में अब तक कुल 18,80,398 श्रद्धालु भगवान केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा केदारनाथ धाम के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और बढ़ते धार्मिक आकर्षण को दर्शाता है।

अब यात्रा के केवल 10 दिन शेष रह गए हैं। आगामी 11 नवंबर 2026 को श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाने प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही वर्ष 2026 की नियमित ग्रीष्मकालीन यात्रा का समापन हो जाएगा और बाबा केदार की शीतकालीन पूजा-अर्चना परंपरा के अनुसार अन्यत्र संपन्न होगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर प्रशासन की नजर

यात्रा के अंतिम दिनों में भी श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी जा रही हैं। धाम में ठहरने, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। वहीं, विषम भौगोलिक परिस्थितियों, कम तापमान और बदलते मौसम को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

रुद्रप्रयाग पुलिस स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यात्रा को सुचारु बनाए रखने में जुटी हुई है। पैदल मार्ग से लेकर धाम तक यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुलिस की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।

रुद्रप्रयाग पुलिस की श्रद्धालुओं से विशेष अपील

बढ़ती ठंड और लगातार बदलते मौसम को देखते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस ने श्रद्धालुओं से पर्याप्त गर्म कपड़े, ऊनी वस्त्र, दस्ताने और जरूरी सामान साथ रखने की अपील की है। यात्रियों को मौसम की स्थिति और अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करने, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने तथा पुलिस एवं प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, बर्फ की सफेद चादर में सजी केदारपुरी में एक ओर प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, तो दूसरी ओर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं की अटूट आस्था यात्रा के अंतिम दिनों को भी विशेष बना रही है। अब सभी की निगाहें 11 नवंबर को होने वाले कपाट बंद होने के धार्मिक आयोजन पर टिकी है

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