‘किंग ऑफ उत्तराखंड’ के नाम पर दबदबा, गैंग लीडर समेत तीन गिरफ्तार
ऋषिकेश। भूमि और पारिवारिक विवादों में दखल देकर लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट, अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में सक्रिय गिरोह के खिलाफ ऋषिकेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कथित गैंग लीडर जगजीत उर्फ जग्गा सहित तीन आरोपियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। गिरोह का एक अन्य सदस्य रवि गुप्ता अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक, जगजीत उर्फ जग्गा अपने साथियों के साथ मिलकर भूमि और पारिवारिक विवादों में हस्तक्षेप करता था। आरोप है कि गिरोह विवाद में शामिल पक्षों को डराने-धमकाने के साथ जबरन अपने प्रभाव में लेकर विवादों को अपने तरीके से सुलझाने का प्रयास करता था। फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली करने के अलावा लोगों के घरों में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी गिरोह से जुड़े हैं।

*लोगों में बनाया भय का माहौल*
पुलिस का कहना है कि गिरोह ने अपने प्रभाव और दबदबे के चलते क्षेत्र में ऐसा माहौल बना रखा था कि कई लोग उसके खिलाफ शिकायत करने से भी कतराते थे। लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और आमजन में भय की स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर गिरोह को चिन्हित कर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
*2016 से 2026 के बीच 11 मुकदमे*
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जगजीत उर्फ जग्गा और उसके गिरोह से जुड़े मामलों में वर्ष 2016 से 2026 के बीच कुल 11 अभियोग दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, अवैध गतिविधियों सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे शामिल हैं। पुलिस द्वारा तैयार रिपोर्ट पर सक्षम स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद ऋषिकेश कोतवाली में गैंग लीडर समेत चार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
*घर से मिला ‘KING OF उत्तराखण्ड’ का बोर्ड*

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जगजीत उर्फ जग्गा की निशानदेही पर उसके घर से ‘KING OF उत्तराखण्ड’ लिखा बोर्ड बरामद किया। पुलिस के अनुसार आरोपी इस तरह की पहचान के जरिए अपना दबदबा कायम कर लोगों को प्रभावित और भयभीत करने का प्रयास करता था।
*तीन आरोपी गिरफ्तार, एक वांछित*
पुलिस ने गैंग लीडर जगजीत उर्फ जग्गा पुत्र हरविन्द्र सिंह, उम्र 39 वर्ष, निवासी मायाकुंड, चन्द्रेश्वर मार्ग, ऋषिकेश को गिरफ्तार किया है। उसके साथ प्रणव उर्फ राघव बत्रा पुत्र स्व. अश्वनी बत्रा, उम्र 20 वर्ष, निवासी सोमेश्वर नगर, ऋषिकेश तथा दीपेश कुमार पुत्र स्व. चरण नाथ, उम्र 27 वर्ष, निवासी कृष्णानगर कॉलोनी, ऋषिकेश को भी गिरफ्तार किया गया।
वहीं गिरोह में नामजद रवि गुप्ता पुत्र सुरेश चन्द्र गुप्ता, निवासी शिवाजी नगर, ऋषिकेश पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
*इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा*
ऋषिकेश कोतवाली में गैंग लीडर समेत चार आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0-405/2026, धारा 2(ख)(i), 2(ख)(iii)/3 गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
*कार्रवाई में शामिल रही पुलिस टीम*
पूरी कार्रवाई निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, प्रभारी कोतवाली ऋषिकेश के नेतृत्व में की गई। विवेचना की जिम्मेदारी निरीक्षक राकेश गुसाईं, प्रभारी निरीक्षक डोईवाला को सौंपी गई।
पुलिस टीम में व0उ0नि0 नवीन जोशी, उपनिरीक्षक देवेन्द्र पंवार, उपनिरीक्षक जगमोहन सिंह, उपनिरीक्षक विकसित पंवार, उपनिरीक्षक बिनेश कुमार, उपनिरीक्षक राजनारायण (कोतवाली डोईवाला), हेड कांस्टेबल सन्दीप राठी, हेड कांस्टेबल राकेश पंवार और कांस्टेबल तेजपाल सिंह शामिल रहे।
ऋषिकेश पुलिस की इस कार्रवाई को संगठित अपराध और दबंगई के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराध के जरिए भय का माहौल बनाने वाले तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे आरोपियों के खिलाफ गुंडा एवं गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य प्रभावी कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
