दिल्ली होटल अग्निकांड : केशव नेगी की गिरफ्तारी पर बोले पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, कहा- “सिर्फ रसोइये को दोषी ठहराना न्याय नहीं”
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तराखंड के निवासी और होटल में कार्यरत रसोइये केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। इस बीच उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि किसी हादसे की जिम्मेदारी तय करते समय सभी पहलुओं की गहन जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने होटल के रसोइये केशव नेगी को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का दावा है कि प्रारंभिक जांच में उसकी कथित लापरवाही आग लगने के कारणों में शामिल पाई गई है। पुलिस के अनुसार होटल से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड में इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि होटल में फायर सेफ्टी, भवन मानकों और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी प्रबंधन और मालिकों की होती है, ऐसे में केवल एक कर्मचारी पर कार्रवाई करना उचित नहीं माना जा सकता। वहीं पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर की गई है तथा अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे। इसी संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए, लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचने का अवसर न मिले। उन्होंने कहा कि हादसे की जवाबदेही तय करते समय होटल प्रबंधन, सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी, भवन स्वीकृतियों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। रावत ने यह भी कहा कि उत्तराखंड के हजारों युवा देशभर में होटल, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में कार्यरत हैं। ऐसे मामलों में जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। होटल मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। शुरुआती जांच में होटल में सुरक्षा मानकों और अनुमतियों को लेकर कई सवाल सामने आए हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। दिल्ली होटल अग्निकांड अब केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों, प्रशासनिक जवाबदेही और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस भयावह हादसे के लिए वास्तविक रूप से जिम्मेदार कौन था।

