“धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: युवाओं के नाम पत्र में कही 6 बड़ी बातें”
40 वर्षों से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए काम किया है।
NEET-UG 2026 में हुई अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने तुरंत CBI जांच कराई, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराई।
लिखा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उनका मन बेहद दुखी है और यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।
कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक या कानूनी विवाद में नहीं फंसना चाहिए।
उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर और देशभर की स्थिति का फायदा देशविरोधी ताकतें न उठा सकें, राष्ट्रीय एकता बनी रहे और छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश सेवा उनका सर्वोच्च कर्तव्य है और वे आगे भी युवाओं और देश के लिए काम करते रहेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच बड़ा फैसला
देश की राजनीति और शिक्षा जगत से आज की सबसे बड़ी खबर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। यह फैसला NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और पिछले कई दिनों से देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच आया है।
अपने इस्तीफा पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही इस मामले की जिम्मेदारी ली और छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि माना। उन्होंने लिखा कि वे नहीं चाहते कि देश के युवाओं का भविष्य राजनीतिक और कानूनी विवादों में उलझे, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति का कोई गलत फायदा न उठाए और छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र संगठनों और विपक्ष की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद आया है। पिछले कई सप्ताह से दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन जारी थे।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार नया शिक्षा मंत्री किसे बनाती है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
“NEET विवाद पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम— केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।”
**”युवाओं के नाम भावुक पत्र के साथ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, देशहित और छात्रों के भविष्य को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता।”**

