*दहेज की बलि चढ़ी नवविवाहिता! पति और ननद गिरफ्तार, मृतका के वीडियो ने खोले प्रताड़ना के राज*
रिपोर्ट: महीपाल सिंह नेगी | नंदा न्यूज़, देहरादून
देहरादून, 1 अगस्त। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दहेज उत्पीड़न और कथित दहेज हत्या का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। डोईवाला कोतवाली क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में दून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और ननद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों, गवाहों के बयान और मृतका द्वारा अपनी मां को भेजे गए वीडियो ने पूरे मामले को नई दिशा दी, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी डोईवाला के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी। पुलिस का कहना है कि महिला एवं बाल अपराधों के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए मामले की हर पहलू से जांच की गई और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को श्रीनगर (गढ़वाल) निवासी श्रीमती सीमा कंडारी ने कोतवाली डोईवाला में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री सृष्टि कंडारी का विवाह नवंबर 2025 में हर्रावाला स्थित लक्ष्मण एन्क्लेव निवासी सौरभ खत्री के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा सृष्टि पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बनाया जाने लगा और उसे लगातार मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा।
शिकायत में मृतका की मां ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री की मौत सामान्य नहीं बल्कि दहेज के लिए की गई हत्या है। उन्होंने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी तथा ननद सुरभि खत्री उर्फ चारू को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायत प्राप्त होते ही डोईवाला कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 223/26 धारा 80(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद एसएसपी देहरादून ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना क्षेत्राधिकारी डोईवाला सुश्री वंदना वर्मा को सौंपी और उनके नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका की मां सहित अन्य परिजनों और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए। इसी बीच मृतका की मां ने पुलिस को एक महत्वपूर्ण वीडियो उपलब्ध कराया। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो घटना से पहले स्वयं मृतका ने अपनी मां को भेजा था। वीडियो में सृष्टि कथित तौर पर शादी के बाद से अपने साथ हो रही प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और ससुराल पक्ष के व्यवहार के बारे में बता रही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह वीडियो जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य बना। इसके अलावा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का भी गहन परीक्षण किया गया। सभी तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने पाया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
इसी क्रम में 1 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने हर्रावाला स्थित लक्ष्मण एन्क्लेव में दबिश देकर मृतका के पति सौरभ खत्री (36 वर्ष) और ननद सुरभि खत्री उर्फ चारू (37 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज जैसी कुप्रथा और उससे जुड़े अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को दहेज की मांग के कारण हिंसा और अपराध का रूप देना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि सामाजिक मूल्यों के भी विरुद्ध है। उत्तराखंड में समय-समय पर दहेज उत्पीड़न के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं।
दून पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि महिला सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण की विवेचना क्षेत्राधिकारी डोईवाला सुश्री वंदना वर्मा के नेतृत्व में की गई। जांच टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोहर सिंह रावत, महिला उपनिरीक्षक नीमा रावत, कांस्टेबल हरीश उप्रेती, कांस्टेबल लाखन सिंह तथा महिला कांस्टेबल रचना रावत शामिल रहे, जिन्होंने साक्ष्य जुटाने से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य, मृतका द्वारा भेजे गए वीडियो और अन्य दस्तावेजों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
नंदा न्यूज़ आमजन से अपील करता है कि यदि किसी महिला के साथ दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या किसी भी प्रकार का अत्याचार हो रहा हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को दें। समय रहते शिकायत करना कई बार किसी की जान बचा सकता है!
नंदा न्यूज़, देहरादून

