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ऑपरेशन प्रहार: करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश का एक और आरोपी गिरफ्तार, सहारनपुर से दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई!

देहरादून, 1 अगस्त।

उत्तराखंड में भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत देहरादून पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने करोड़ों रुपये की मूल्यवान भूमि पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने की साजिश में शामिल एक आरोपी को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी महिला को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
पुलिस के अनुसार यह मामला सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की संपत्ति हड़पने के प्रयास से जुड़ा है। आरोप है कि मृत व्यक्ति के नाम पर जाली अधिकार पत्र (पावर ऑफ अटॉर्नी) तैयार किया गया और उसके आधार पर न्यायालय में भूमि पर स्टे लेने का प्रयास किया गया।
जानकारी के अनुसार, पटेलनगर निवासी राहुल देव ने कोतवाली पटेलनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ममेरे दादा स्वर्गीय केवल कृष्ण ने वर्ष 2009 में अपनी संपत्ति वसीयत के माध्यम से उनके नाम कर दी थी। वर्ष 2016 में केवल कृष्ण के निधन के बाद वर्ष 2024 में उन्होंने विधिवत वसीयत के आधार पर संपत्ति अपने नाम दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 2026 में जब उन्होंने भूमि की फर्द निकलवाई तो उन्हें पता चला कि बबीता देवी, राजकमल और मो. इनाम कुरैशी ने मिलकर वर्ष 2025 की एक कथित फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करवाई। आरोप है कि इस दस्तावेज में मृत केवल कृष्ण के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर दस्तावेज तैयार किए गए और उसी के आधार पर भूमि पर स्टे लेने के लिए आपत्ति दाखिल की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि इस फर्जी दस्तावेज पर राजकमल और मो. इनाम कुरैशी गवाह के रूप में शामिल थे।
शिकायत के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में 17 अप्रैल 2026 को मु.अ.सं. 247/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल जांच तेज करने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
जांच के दौरान पुलिस ने रजिस्ट्री कार्यालय, राजस्व विभाग तथा विभिन्न बैंकों से संबंधित दस्तावेज जुटाए। दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।
इसी क्रम में मुख्य आरोपी बबीता देवी को 1 जून 2026 को सहारनपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस की टीमें लगातार अन्य फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
पुलिस को 31 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि इस मामले में फरार चल रहा आरोपी राजकमल सहारनपुर के जय कॉलोनी क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की उम्र 53 वर्ष बताई गई है। उसका वर्तमान पता गली नंबर-3, हसनपुर चुंगी, दिल्ली रोड, सहारनपुर तथा मूल निवास ग्राम बेरखेड़ी हिंदू, थाना तीतरों, जनपद सहारनपुर है।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किन-किन लोगों ने सहयोग किया और क्या इस गिरोह ने अन्य संपत्तियों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की है।
देहरादून पुलिस का “ऑपरेशन प्रहार” लगातार भू-माफियाओं, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोहों और भूमि कब्जाने वालों पर शिकंजा कस रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों की संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने या फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई को भू-माफियाओं के खिलाफ दून पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी
नंदा न्यूज़, देहरादून

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