रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी | नंदा न्यूज़, नारायणबगड़ चमोली
चमोली। विकासखंड नारायणबगड़ के अंतर्गत आने वाले जीरो प्वाइंट से किमोली तक लगभग 20 किलोमीटर मोटर मार्ग के डामरीकरण को आखिरकार स्वीकृति मिल गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) थराली द्वारा इस महत्वपूर्ण सड़क के डामरीकरण के लिए करीब 2 करोड़ 13 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस खबर के सामने आते ही किमोली सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के सुधरने की उम्मीद अब और मजबूत हो गई है।
यह सड़क लंबे समय से स्थानीय ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़ा हुआ डामर और बरसात के दौरान कीचड़ के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार वाहन बीच रास्ते में फंस जाते थे, जिससे यात्रियों, मरीजों, विद्यार्थियों और किसानों को घंटों तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आपदा और भारी बारिश के दौरान तो हालात इतने खराब हो जाते थे कि कई स्थानों पर लोगों को पैदल चलकर अपनी मंजिल तक पहुंचना पड़ता था।
नंदा न्यूज़ ने कुछ समय पहले इस सड़क की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से उठाया था। समाचार के माध्यम से सड़क की वास्तविक तस्वीर, ग्रामीणों की परेशानियां और बरसात के दौरान होने वाली दिक्कतों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद लगातार ग्रामीणों ने भी सड़क के निर्माण की मांग उठाई। अब सड़क के डामरीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है।
नंदा न्यूज़ से विशेष बातचीत में किमोली ग्राम प्रधान सुरेंद्र लाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और राहत भरी खबर है। उन्होंने बताया कि सड़क के डामरीकरण की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन वर्तमान में बरसात का मौसम होने के कारण तत्काल डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। इसलिए सबसे पहले सड़क पर स्वेलिंग का कार्य कराया जाएगा। स्वेलिंग के तहत सड़क पर बड़े-बड़े रोडे और पत्थर डालकर उसे समतल एवं मजबूत बनाया जाएगा, ताकि बरसात के दौरान वाहन कीचड़ में न फंसें और लोगों की आवाजाही बाधित न हो।
प्रधान सुरेंद्र लाल ने कहा कि बरसात समाप्त होने के बाद मौसम अनुकूल होते ही विभाग द्वारा नियमानुसार पूरे मार्ग का डामरीकरण कराया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्य पूरा होने के बाद यह सड़क क्षेत्र के विकास की नई पहचान बनेगी और ग्रामीणों को वर्षों पुरानी समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि किमोली और आसपास के गांवों के लोगों की जीवनरेखा है। इसी सड़क से छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज पहुंचते हैं, किसान अपनी कृषि उपज बाजार तक ले जाते हैं और मरीज अस्पतालों तक पहुंचते हैं। सड़क खराब होने से इन सभी कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। अब डामरीकरण की स्वीकृति मिलने से लोगों में नई उम्मीद जगी है।
प्रधान सुरेंद्र लाल ने इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) थराली का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग ने क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग को गंभीरता से लिया और सड़क के डामरीकरण को स्वीकृति देकर हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करेगा।
इसके साथ ही किमोली ग्राम प्रधान सुरेंद्र लाल ने थराली विधायक *भोपाल राम टम्टा* एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री *पुष्कर सिंह धामी* का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सरकार के सहयोग से क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। सड़क का डामरीकरण होने से किमोली सहित आसपास के गांवों के तथा उत्तराखंड के *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* का भी विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्य को स्वीकृति मिलने से क्षेत्र के लोगों का सरकार पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यों को इसी प्रकार प्राथमिकता मिलेगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि बरसात के समय सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती थी। कई बार छोटे वाहन और एंबुलेंस तक रास्ते में फंस जाती थीं। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती थी और व्यापारियों को सामान ढोने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता था। अब पहले स्वेलिंग और उसके बाद डामरीकरण होने से इन समस्याओं का समाधान होगा।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि *नंदा न्यूज़* ने समय-समय पर सड़क की वास्तविक स्थिति को प्रमुखता से उठाकर उनकी आवाज शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य किया। सड़क के मुद्दे को लगातार प्रमुखता मिलने से क्षेत्र के लोगों को उम्मीद बनी रही और अब स्वीकृति मिलने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई है।
करीब 20 किलोमीटर लंबा यह मार्ग किमोली और आसपास के गांवों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क सुविधा मिलने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और लोगों का सफर सुरक्षित एवं सुगम होगा।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पीडब्ल्यूडी पहले बरसात के दौरान स्वेलिंग का कार्य तेजी से पूरा करे, ताकि लोगों को तत्काल राहत मिल सके। इसके बाद मौसम साफ होते ही डामरीकरण का कार्य शुरू कर इस महत्वपूर्ण सड़क को पूरी तरह नई पहचान दी जाए।
*नंदा न्यूज़* इस महत्वपूर्ण परियोजना की हर गतिविधि पर अपनी नजर बनाए रखेगा और सड़क निर्माण से जुड़ी हर बड़ी अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाता रहेगा।

