“शिमला बाईपास की जर्जर पुलिया के दोनों तरफ खतरा, कब जागेगा पीडब्ल्यूडी?”
“बरसात में बढ़ा हादसों का डर, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल”
रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी
देहरादून: राजधानी देहरादून के शिमला बाईपास रोड पर रतनपुर और नए गांव के बीच स्थित पुलिया के पास सड़क खतरे का कारण बनी हुई है। पुलिया की जर्जर स्थिति और सड़क पर बने गहरे खड्डे राहगीरों के लिए लगातार परेशानी का सबब बन रहे हैं। बरसात के मौसम में हालात और भी चिंताजनक हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुलिया की मरम्मत और सड़क के गड्ढों का स्थायी समाधान नहीं किया, तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है
क्षेत्रवासियों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। यह सड़क देहरादून को विकासनगर और आसपास के कई क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। बावजूद इसके सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। पुलिया के दोनों ओर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात के समय और बारिश के दौरान यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस स्थान पर आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसे होते रहते हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में फिसलकर घायल हो चुके हैं, जबकि भारी वाहन भी पुलिया के पास संतुलन खोने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जिला अधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान द्वारा लगातार सड़क सुरक्षा और बरसात के दौरान संवेदनशील स्थानों की मरम्मत के निर्देश दिए जाने के बावजूद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि निरीक्षण और निर्देश केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उन निर्देशों का भी हवाला दिया, जिनमें बरसात से पहले सड़कों के गड्ढे भरने और क्षतिग्रस्त मार्गों की तत्काल मरम्मत करने पर जोर दिया गया था। लोगों का कहना है कि यहां गड्ढों को केवल मिट्टी डालकर भर दिया जाता है। बारिश होते ही मिट्टी बह जाती है और गड्ढे पहले से अधिक गहरे हो जाते हैं। इससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पुलिया के दोनों तरफ की सड़क की तकनीकी निरीक्षण कर उसकी तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही सड़क पर बने गहरे गड्ढों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री से स्थायी रूप से भरा जाए, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
नंदा न्यूज की टीम भी प्रशासन और संबंधित विभाग से अपील करती है कि इस गंभीर समस्या का तत्काल संज्ञान लिया जाए। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने का कोई औचित्य नहीं रहेगा। आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और जिम्मेदार विभागों को इस दिशा में तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
नंदा न्यूज़ | देवभूमि उत्तराखंड देहरादून

