ब्रेकिंग न्यूज़ | 16 करोड़ के पुल पर बड़ा एक्शन, तीन इंजीनियर सस्पेंड
नंदा की चौकी पुल मामले में जांच रिपोर्ट में लापरवाही उजागर
रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी | नंदा न्यूज़ | देहरादून
देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी में टोंस नदी पर बने लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत वाले नए पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में धामी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट में निर्माण और तकनीकी निगरानी में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग के तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि हाल ही में भारी बारिश के दौरान पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंस गया था। घटना पुल के चालू होने के महज 16 दिन बाद हुई, जिसके बाद निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। सरकार ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे।
मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पुल के डिजाइन में नदी के बहाव और उसके बदलते स्वरूप का पर्याप्त अध्ययन नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार नदी का पूरा दबाव पुल के एक हिस्से की ओर केंद्रित हो गया, जिससे पुल के किनारे वाले हिस्से में हेवी स्कॉरिंग (Heavy Scouring) हुई। इसके कारण एप्रोच रोड के नीचे बड़ा कैविटी (Cavity) बन गया और सड़क धंस गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि डिजाइन कंसल्टेंट ने नदी के घुमावदार स्वरूप, ढाल और जल प्रवाह का समुचित अध्ययन किए बिना डिजाइन तैयार किया। तकनीकी स्तर पर इन कमियों को समय रहते पकड़ना विभागीय इंजीनियरों की जिम्मेदारी थी, लेकिन निगरानी में लापरवाही बरती गई। इसी वजह से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे और एप्रोच मार्ग धंस गया!
जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने “अधिशासी अभियंता” राजेश कुमार, “सहायक अभियंता” अमित त्यागी और “कनिष्ठ अभियंता” नवीन गैरोला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही संबंधित “डिजाइन कंसल्टेंट” के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस कार्रवाई को निर्माण कार्यों में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नंदा न्यूज़ | देहरादून देवभूमि उत्तराखंड

