*पिंडर की बेटी नन्दा सती को तीलू रौतेली पुरस्कार, नारायणबगड़ में खुशी की लहर*
🎙️ रिपोर्टिंग: महिपाल सिंह नेगी | देहरादून / नारायणबगड़
*पिंडर घाटी की लोक संस्कृति को अपनी आवाज के जरिए नई पहचान दिलाने वाली नन्दा सती ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है।
संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए नन्दा सती को राज्य स्तरीय तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
देहरादून स्थित मुख्यमंत्री सेवक सदन में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने नन्दा सती को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।
नन्दा सती को सम्मान मिलने की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव नारायणबगड़ और पूरे पिंडर क्षेत्र में पहुंची, खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और नन्दा सती की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।
लोक संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में लगातार सक्रिय नन्दा सती ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाई है। उनकी इस सफलता को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा और नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद नन्दा सती ने कहा कि यह उनके जीवन का गौरवपूर्ण क्षण है। इस पुरस्कार ने उनकी जिम्मेदारी को और बढ़ा दिया है। वह आगे भी लोक संगीत और उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति हमारी पहचान है और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
नन्दा सती की इस उपलब्धि से नारायणबगड़, पिंडर घाटी और चमोली का मान बढ़ा है*
“पिंडर की बेटी नन्दा सती की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि पहाड़ की प्रतिभा जब अपनी मेहनत और संस्कृति से जुड़ती है, तो उसकी गूंज पूरे प्रदेश तक पहुंचती है।”
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