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देहरादून। गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं सम्बद्ध डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सेलाकुई स्थित मैसर्स अमेटो ऑटोमोटिव प्रा. लि. में एक व्यापक कॉर्पोरेट हेल्थ अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया गया।

देहरादून। गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं सम्बद्ध डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सेलाकुई स्थित मैसर्स अमेटो ऑटोमोटिव प्रा. लि. में एक व्यापक कॉर्पोरेट हेल्थ अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में 50 से अधिक कर्मचारियों एवं संस्थान के वरिष्ठ प्रबंधन दल ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विषय के प्रति गहरी रुचि देखने को मिली तथा सभी ने जागरूकता संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं अस्पताल के प्रचार प्रसार प्रमुख डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर एवं छाती एवं श्वसन रोग विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुग्या अग्रवाल उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर ने तंबाकू सेवन के व्यापक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में हर वर्ष लाखों लोगों की मृत्यु तंबाकू जनित बीमारियों के कारण होती है। उन्होंने बताया कि तंबाकू सेवन कैंसर (विशेषकर मुख, फेफड़े एवं गले का कैंसर), हृदय रोग, स्ट्रोक तथा कई अन्य गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने यह भी बताया कि सेकेंड-हैंड स्मोकिंग (पराधूम्रपान) से परिवार के अन्य सदस्य, विशेषकर बच्चे एवं महिलाएं, भी गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। एवं कर्मचारियों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि “तंबाकू छोड़ना कठिन अवश्य है, परंतु असंभव नहीं। उचित परामर्श, इच्छाशक्ति एवं चिकित्सा सहायता से इसे सफलतापूर्वक छोड़ा जा सकता है।” उन्होंने कार्यस्थल पर स्वस्थ वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

वहीं डॉ. अनुग्या अग्रवाल ने अपने व्याख्यान में तंबाकू के श्वसन तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि धूम्रपान फेफड़ों की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे नष्ट करता है, जिससे क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), अस्थमा की गंभीरता में वृद्धि तथा तपेदिक (टीबी) जैसे रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कर्मचारियों को तंबाकू से दूरी बनाने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं एवं परामर्श केंद्रों की जानकारी भी दी गई, जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त कर सकें। प्रश्नोत्तर सत्र में कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा अपनी जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त किया।

अमेटो ऑटोमोटिव प्रा. लि. कंपनी के मैनेजमेंट टीम द्वारा इस पहल की सराहना कि गई कि “किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कर्मचारी होते हैं, और उनका स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम कर्मचारियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं और कार्यस्थल की उत्पादकता को भी बढ़ाते हैं।” उन्होंने भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल की ओर से श्री अक्षित बहुगुणा द्वारा किया गया और साथ ही श्री गोल्डी (मार्केटिंग स्टाफ) भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों, संस्थान प्रबंधन एवं सहयोगी टीम का आभार व्यक्त किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि “तंबाकू मुक्त समाज ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है।”

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