नंदा न्यूज स्पेशल रिपोर्ट
भारी बारिश का कहर: आवासीय मकान और गोशाला पर गिरा विशाल पेड़, टला बड़ा हादसा
रिपोर्ट: महिपाल सिंह नेगी, नंदा न्यूज, नारायणबगड़, चमोली
जनपद चमोली के विकासखंड नारायणबगड़ की ग्रामसभा नारायणबगड़ में सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। रात लगभग 11 बजे परखाल मोटर मार्ग पर मंदिर के सामने एक विशालकाय पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर सड़क किनारे स्थित आवासीय भवन और गोशाला पर गिर पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि ईश्वर की कृपा रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार यह आवासीय भवन ग्राम प्रधान “गोदामबरी देवी” का है, जबकि जिस गोशाला पर पेड़ गिरा वह “सबर सिंह” की बताई जा रही है। विशाल पेड़ के गिरने से मकान का आधा लैंटर क्षतिग्रस्त हो गया और दीवारों में गहरी दरारें आ गईं। गोशाला को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे परिवार के सामने सुरक्षा और आजीविका दोनों की चिंता खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर पेड़ गिरा, उसके ठीक नीचे से उच्च क्षमता की बिजली लाइन गुजर रही थी। पेड़ का बड़ा हिस्सा पहले बिजली लाइन पर अटक गया, जिससे उसकी पूरी ताकत सीधे मकान पर नहीं पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली लाइन पेड़ के गिरने की गति को कुछ हद तक न रोकती, तो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। सभी ने एकजुट होकर गोशाला में बंधे मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और एहतियात के तौर पर मकान को भी तुरंत खाली करा दिया। ग्रामीणों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मंगलवार सुबह “राजस्व विभाग” के उपनिरीक्षक मौके पर पहुंचे और नुकसान का प्रारंभिक निरीक्षण किया। “बिजली विभाग” की टीम ने भी बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। वहीं “वन विभाग” के कर्मचारियों ने सड़क पर गिरे विशाल पेड़ को काटकर हटाने का कार्य शुरू किया, ताकि परखाल मोटर मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोला जा सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना में हुए नुकसान का जल्द से जल्द राजस्व विभाग द्वारा आकलन कराया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसे कई विशाल और जर्जर पेड़ गांवों के आसपास खड़े हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से अपील की है कि ऐसे सभी खतरनाक पेड़ों का सर्वे कराया जाए और जो पेड़ लोगों के घरों, गोशालाओं और सड़कों के लिए खतरा बने हुए हैं, उन्हें समय रहते हटाने की कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय पर कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और सड़क को पूरी तरह सुचारु करने के प्रयास जारी हैं। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान प्राकृतिक खतरों और समय रहते एहतियाती कदम उठाने की आवश्यकता को उजागर कर दिया जाए |
महिपाल सिंह नेगी
नंदा न्यूज, नारायणबगड़, चमोली :::

