देहरादून। झाझरा स्थित गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल में मंगलवार को राज्य त्रैमासिक गंभीर एईएफआई (टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाएं) मामलों के आकलन एवं कारण-सम्बंध समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में टीकाकरण के बाद सामने आने वाली गंभीर प्रतिकूल घटनाओं से जुड़े मामलों की चिकित्सकीय एवं वैज्ञानिक समीक्षा करते हुए उनके संभावित कारणों पर विशेषज्ञों ने मंथन किया।
बैठक में राज्य टीकाकरण सलाहकार डॉ. तेजस्वी अग्रवाल, डॉ. रितिक अग्रवाल, डॉ. मीनाक्षी राणा सहित राज्य गंभीर एईएफआई समीक्षा समिति के नामित सदस्य मौजूद रहे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के डॉ. विकास शर्मा, यूनिसेफ तथा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के अलावा राज्य स्तरीय अधिकारी एवं विशेषज्ञ भी बैठक में शामिल हुए। बाहरी संस्थाओं समेत करीब 30 प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक के दौरान गंभीर एईएफआई मामलों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेखों, जांच रिपोर्टों और अन्य तथ्यों के आधार पर प्रत्येक मामले का विस्तृत आकलन किया गया। विशेषज्ञों ने मामलों के कारण-सम्बंध निर्धारण, समयबद्ध रिपोर्टिंग, निगरानी तंत्र तथा टीकाकरण सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की।
सुभारती अस्पताल एवं गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय की ओर से डॉ. बीपी कालरा, डॉ. सुबोध, डॉ. अनुज्ञा अग्रवाल सहित औषधि विज्ञान, सामुदायिक चिकित्सा एवं बाल चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों और संकाय सदस्यों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. जया पांडे मोहापात्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने समिति के सदस्यों, राज्य अधिकारियों, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा सुभारती के चिकित्सकों और विशेषज्ञों का स्वागत किया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में टीकाकरण कार्यक्रम की सुरक्षा एवं गुणवत्ता को मजबूत करना, गंभीर एईएफआई मामलों की वैज्ञानिक समीक्षा सुनिश्चित करना तथा निगरानी और रिपोर्टिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना रहा।

