देवप्रयाग:पालीगांव से कोडियाला की ओर बढ़ी सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति की पदयात्रा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र सगोई ने जताया मुख्यमंत्री धामी पर भरोसा,
चमोली/देवप्रयाग। सिमली में बेस अस्पताल की स्थापना और शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के आह्वान पर शुरू हुई पदयात्रा लगातार आगे बढ़ रही है। 11 अक्टूबर को मां चंडिका मंदिर, सिमली से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई इस पदयात्रा में शामिल लोगों के हौसले और उत्साह में अब तक कोई कमी नजर नहीं आ रही है। मंजिल दूर है, रास्ता कठिन है, लेकिन क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद पदयात्रियों के कदमों को लगातार आगे बढ़ा रही है।
पदयात्रा का पहला पड़ाव गौचर, दूसरा रुद्रप्रयाग, तीसरा श्रीनगर और चौथा पड़ाव देवप्रयाग क्षेत्र के पालीगांव में रहा। आज सुबह पालीगांव से पदयात्रियों ने अपने अगले पड़ाव कोडियाला की ओर प्रस्थान किया। बेस अस्पताल की मांग को लेकर निकले इन पदयात्रियों का उद्देश्य केवल देहरादून पहुंचना नहीं, बल्कि सरकार से अपनी वर्षों पुरानी मांग पर ठोस निर्णय और शासनादेश प्राप्त करना है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र सगोई भी पदयात्रा में हुए शामिल,

पालीगांव, देवप्रयाग में कर्णप्रयाग ब्लॉक के पूर्व प्रमुख राजेंद्र सगोई भी पदयात्रा में शामिल हुए। उन्होंने सिमली बेस अस्पताल की मांग का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई। सगोई ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री धामी पदयात्रियों के देहरादून पहुंचने से पहले ही बेस अस्पताल का शासनादेश जारी करवाने की दिशा में ठोस पहल करेंगे।
राजेंद्र सगोई ने खुद को भारतीय जनता पार्टी का वर्षों पुराना और कर्मठ कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री धामी पर पूरा भरोसा है। उनका मानना है कि सरकार जनभावनाओं को समझते हुए इस महत्वपूर्ण मांग पर निर्णय ले सकती है।
“अब शासनादेश पर टिकी निगाहें”
सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति की यह पदयात्रा पहाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत को प्रमुखता से सामने ला रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर बीमारी, दुर्घटना और आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान समय पर उपचार मिलना बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में सिमली में बेस अस्पताल की मांग को क्षेत्रीय जनता के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा माना जा रहा है।
समिति की मांग है कि सरकार अस्पताल के संबंध में जल्द शासनादेश जारी करे, ताकि क्षेत्रवासियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की दिशा में स्पष्ट प्रगति दिखाई दे।
फिलहाल पदयात्रा अपने अगले पड़ाव कोडियाला की ओर अग्रसर है। पदयात्रियों को उम्मीद है कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचेगी और देहरादून पहुंचने से पहले ही उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला सामने आएगा। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार इस जनभावना पर कब तक निर्णय लेती है।
नंदा न्यूज़ की नजर इस पदयात्रा और सिमली बेस अस्पताल के शासनादेश से जुड़ी हर अगली गतिविधि पर बनी रहेगी।
